ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में अमेरिकी बल अब तक 10,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले कर चुके हैं. अमेरिकी सेना के ‘सेंट्रल कमांड’ प्रमुख ने यह दावा किया है. ‘सेंट्रल कमांड’ की ओर से बृहस्पतिवार तड़के जारी एक वीडियो में अमेरिकी नौसेना के एडमिरल ब्रैड कूपर ने यह दावा किया. उन्होंने कहा, ”अगर आप हमारी उपलब्धियों को हमारे इजराइली सहयोगी की सफलता के साथ जोड़कर देखें तो हमने मिलकर हजारों लक्ष्यों पर प्रहार किया है.” कूपर ने कहा, ”हमारे सटीक हमलों ने ईरानी हवाई रक्षा प्रणाली को ध्वस्त कर दिया है और हमारी लड़ाकू उड़ानें असरदार साबित हुई हैं.” उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ”ईरानी नौसेना के सबसे बड़े पोतों” में से 92 प्रतिशत पोतों को नष्ट कर दिया है.

कूपर ने कहा, ”अब वे इस क्षेत्र और दुनिया भर में नौसैनिक शक्ति और प्रभाव को सार्थक रूप से प्रदर्शित करने की क्षमता खो चुके हैं.” हालांकि, ईरान ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए अब भी फारस की खाड़ी के संकरे मुहाने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है. कूपर ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के दो-तिहाई से अधिक आयुध संयंत्रों पर हमला किया है. उन्होंने कहा, ”हमने ईरान के मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक उत्पादन केंद्रों तथा पोत निर्माण स्थलों में से दो-तिहाई से अधिक केंद्रों को क्षतिग्रस्त या नष्ट कर दिया है और हमारा काम अभी समाप्त नहीं हुआ है.”

10,000वां लक्ष्य भी किया तबाह

एडमिरल कूपर ने कहा कि कुछ ही घंटे पहले 10,000वां ईरानी लक्ष्य भी निशाना बनाया गया. उन्होंने बताया कि अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल ने मिलकर हजारों अतिरिक्त ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे उनकी संयुक्त ताकत साफ नजर आती है. कूपर के अनुसार, ईरान की नौसेना को बड़ा झटका लगा है. उन्होंने दावा किया कि ईरानी नौसेना के 92% बड़े जहाज नष्ट कर दिए गए हैं, जिससे उसकी समुद्री ताकत और क्षेत्र में प्रभाव काफी हद तक खत्म हो गया है.

मिसाइल और ड्रोन हमलों में गिरावट

उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में 90% की कमी आई है, जो इन सैन्य कार्रवाइयों के असर को दिखाता है. कूपर ने बताया कि ईरान के मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक प्रोडक्शन से जुड़े दो-तिहाई से ज्यादा कारखाने और शिपयार्ड या तो क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और अमेरिका ईरान की पूरी आर्म्ड प्रोडक्शन सिस्टम को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में अमेरिकी बल अब तक 10,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले कर चुके हैं. अमेरिकी सेना के ‘सेंट्रल कमांड’ प्रमुख ने यह दावा किया है. ‘सेंट्रल कमांड’ की ओर से बृहस्पतिवार तड़के जारी एक वीडियो में अमेरिकी नौसेना के एडमिरल ब्रैड कूपर ने यह दावा किया. उन्होंने कहा, ”अगर आप हमारी उपलब्धियों को हमारे इजराइली सहयोगी की सफलता के साथ जोड़कर देखें तो हमने मिलकर हजारों लक्ष्यों पर प्रहार किया है.” कूपर ने कहा, ”हमारे सटीक हमलों ने ईरानी हवाई रक्षा प्रणाली को ध्वस्त कर दिया है और हमारी लड़ाकू उड़ानें असरदार साबित हुई हैं.” उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ”ईरानी नौसेना के सबसे बड़े पोतों” में से 92 प्रतिशत पोतों को नष्ट कर दिया है.

कूपर ने कहा, ”अब वे इस क्षेत्र और दुनिया भर में नौसैनिक शक्ति और प्रभाव को सार्थक रूप से प्रदर्शित करने की क्षमता खो चुके हैं.” हालांकि, ईरान ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए अब भी फारस की खाड़ी के संकरे मुहाने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है. कूपर ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के दो-तिहाई से अधिक आयुध संयंत्रों पर हमला किया है. उन्होंने कहा, ”हमने ईरान के मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक उत्पादन केंद्रों तथा पोत निर्माण स्थलों में से दो-तिहाई से अधिक केंद्रों को क्षतिग्रस्त या नष्ट कर दिया है और हमारा काम अभी समाप्त नहीं हुआ है.”

10,000वां लक्ष्य भी किया तबाह

एडमिरल कूपर ने कहा कि कुछ ही घंटे पहले 10,000वां ईरानी लक्ष्य भी निशाना बनाया गया. उन्होंने बताया कि अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल ने मिलकर हजारों अतिरिक्त ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे उनकी संयुक्त ताकत साफ नजर आती है. कूपर के अनुसार, ईरान की नौसेना को बड़ा झटका लगा है. उन्होंने दावा किया कि ईरानी नौसेना के 92% बड़े जहाज नष्ट कर दिए गए हैं, जिससे उसकी समुद्री ताकत और क्षेत्र में प्रभाव काफी हद तक खत्म हो गया है.

मिसाइल और ड्रोन हमलों में गिरावट

उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में 90% की कमी आई है, जो इन सैन्य कार्रवाइयों के असर को दिखाता है. कूपर ने बताया कि ईरान के मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक प्रोडक्शन से जुड़े दो-तिहाई से ज्यादा कारखाने और शिपयार्ड या तो क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और अमेरिका ईरान की पूरी आर्म्ड प्रोडक्शन सिस्टम को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

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