Udaipur News: उदयपुर जिले के ओगणा थाना क्षेत्र की वीरपुरा ग्राम पंचायत में खाप पंचायत के फरमान से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत के आदेश पर एक व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार कर उसका हुक्का-पानी बंद कर दिया गया। साथ ही गांव में लिखित फरमान जारी कर दिया गया कि पीड़ित से बात करने पर 5 हजार रुपये और उसकी दुकान से खरीदारी करने या मौत-मरण में शामिल होने पर 11 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।

पीड़ित रतनलाल ने इस संबंध में ओगणा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर वह पुलिस अधीक्षक के सामने पेश हुआ और लिखित परिवाद सौंपा। रतनलाल के अनुसार मामला प्लॉट विवाद से जुड़ा है। उसने उदयपुर शहर निवासी दिनेश से एक प्लॉट खरीदा था और उस पर बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू कराया था। आरोप है कि गांव के तीन-चार लोगों ने दिनेश को उकसाया और 20-25 लोगों को इकट्ठा कर निर्माण कार्य रुकवा दिया।

खेड़ा देवी मंदिर में बुलाई गई पंचायत

रतनलाल का कहना है कि उसी रात गांव के खेड़ा देवी मंदिर में पंचायत बुलाई गई, जहां उसे सार्वजनिक रूप से गांव से बहिष्कृत करने का फैसला लिया गया। पंचायत के फैसले को लिखित रूप में जारी कर गांव में बांट दिया गया। फरमान में साफ लिखा गया कि जो भी व्यक्ति उसके घर जाएगा या उसकी दुकान से सामान खरीदेगा, उस पर 11 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि उससे बातचीत करने पर 5 हजार रुपये जुर्माना तय किया गया।

धमकियों का भी आरोप

पीड़ित ने आरोप लगाया कि बहिष्कार के बाद उसका पूरा परिवार मानसिक तनाव में है। कुछ लोगों ने उसे एससी-एसटी एक्ट के झूठे मामले में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी। अगले दिन थाने में रिपोर्ट देने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो वह मजबूरन पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचा। रतनलाल ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और खाप पंचायत से जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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