देहरादून. अंकिता भंडारी केस को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत भाजपा पर लगातार हमलावर हैं. एक बार फिर हरीश रावत ने हमला करते हुए कहा, सच दबेगा नहीं-अंकिता को न्याय मिलकर रहेगा. अंकिता हत्याकांड और अब जांच के प्रसंग में मुख्यमंत्री जी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के कुछ हिस्सों ने मुझे चौंकाया और चिंतित किया है. एक पत्रकार ने मुख्यमंत्री से इस कथन पर कि VIP कोई नहीं है, कहा कि SIT ने अपनी जांच में भी VIP को विशेष सेवा देने के लिए रिज़ॉर्ट के मालिक पर दबाव का ज़िक्र किया है. अर्थात, अंकिता का इनकार ही हत्या का कारण बना और हत्या का मोटिव जो है, वह VIP के साथ जुड़ा हुआ है.

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आगे हरीश रावत ने कहा, मुझे ताज्जुब हो रहा है कि SIT से जुड़ा हुआ एक पुलिस अधिकारी भी पूरे केस में VIP की उपस्थिति को ख़ारिज कर रहा है और मुख्यमंत्री जी भी उसी बात को दोहरा रहे हैं. बहुत सीधा-सा प्रश्न है कि जिस VIP की उपस्थिति और जिसे विशेष सेवा देना ही हत्या का मोटिव बना, सेवा देने से इनकार ही हत्या का कारण बना, उस VIP की उपस्थिति को अब नकारा जा रहा है. इस पूरे प्रसंग में जब आगे यह केस हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जाएगा, तो इसे कमज़ोर करने का प्रयास नहीं तो और क्या है? आज अंकिता कुछ लोगों की स्वर बनकर के उभरी है.

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आगे उन्होंने कहा, अब उस VIP का नाम गट्टू-मट्टू के रूप में सामने आया है, इसलिए जो लोग भी अंकिता प्रकरण में दोषियों को सज़ा चाहते हैं, उन्हें इस निर्णायक मोड़ पर लड़ाई को आर-पार की लड़ाई, संघर्ष के रूप में लड़ना पड़ेगा. अर्थात, FIR सरकार द्वारा दायर की जाए, जिन लोगों ने साक्ष्य नष्ट किए हैं वे भी FIR का हिस्सा बनें और VIP भी FIR का हिस्सा बने तथा सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट मॉनिटरिंग में CBI जांच हो. मुख्यमंत्री जी को गलत सूचना देने वाले अधिकारी पर भी कार्रवाई होनी चाहिए. ऐसा लगता है कि प्रेस के सामने आने से पहले माननीय मुख्यमंत्री जी के सामने केस से जुड़ा पूरा प्रकरण पूरी तरह नहीं रखा गया.