देहरादून. अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले की CBI जांच की मांग लगातार की जा रही है. इस मामले को लेकर कांग्रेस और पूर्व सीएम हरीश रावत धामी सरकार पर हमलावर है. हरीश रावत ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, जगह-जगह, अलग-अलग संगठन अंकिता के जो कारण बने हैं, उनको गिरफ्तार करने और जांच को CBI को सौंपने की मांग कर रहे हैं. मगर मैं एक बात सबको सावधान करते हुए कहना चाहता हूं कि हमारे संघर्ष की चार मांगें होनी चाहिए.
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हरीश रावत ने कहा, अंकिता के बयान के अनुसार मिले हुए वर्तमान साक्ष्यों में जो कुछ लोगों के ऑडियो–वीडियो क्लिप्स के रूप में सामने आए हैं, राज्य सरकार को उन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करनी चाहिए. दूसरी मांग-वनंतरा रिसोर्ट में JCB चलाकर तोड़-फोड़ करने और साक्ष्य मिटाने का आदेश किसने दिया और इसमें कौन लोग शामिल थे?
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आगे सीएम धामी ने ये भी सवाल किया कि CCTV कैमरे तोड़ने वाले कौन थे? रिसोर्ट में आग लगाने वाले कौन थे? इन सभी बिंदुओं को भी नए सिरे से FIR का हिस्सा बनाया जाना चाहिए और उस FIR के आधार पर जांच CBI करे, मगर वह जांच माननीय हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज महोदय की देख-रेख में होनी चाहिए.
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