देहरादून. पूर्व सीएम हरीश रावत ने 2027 चुनाव के चुनावी मुद्दों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने भाजपा को महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, क्राइम और मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर घेरा है. हरीश रावत ने कहा, लोग मुझसे बार-बार 2027 में चुनावी मुद्दों की बात करते हैं, तो मेरी समझ बहुत सीधी है. यह चुनाव 2026-27 में जब भी चुनाव हो, यह चुनाव जनता के मुद्दों बनाम भाजपा के “मुस्लिम यूनिवर्सिटी” के पाखंडपूर्ण झूठ के बीच में है. राजनीतिक दल के रूप में हम केवल कैटेलिस्ट हैं.

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आगे हरीश रावत ने कहा, बढ़ती महंगाई, बढ़ता भ्रष्टाचार, असहनीय हो रही बेरोजगारी, महिलाओं के साथ हो रहे बलात्कार और हत्याओं के मामलों में भाजपा के नेताओं की संलिप्तता, राज्य निर्माण की बुनियाद को खोखला कर रहा पलायन, असंतुलित विकास, सरकार और शासन के हर स्तर पर जनता से हो रही खुली लूट, नशाखोरी को मिल रहा सत्ता का संरक्षण, बिजली विभाग की अकर्मण्यता को छिपाने के लिए निरंतर बढ़ाई जा रही बिजली की दरें, सड़कों के गड्ढे भरने में सरकार की विफलता, जंगली जानवरों के आतंक से त्रस्त गांव के लोग, यह सब जनता के मुद्दे हैं. भाजपा के पास तो केवल एक ही मुद्दा है, वह है मुस्लिम यूनिवर्सिटी का पाखंडपूर्ण झूठ.

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उन्होंने ये भी कहा कि संयोग से धौलास में भूमि के मामले में एक मुस्लिम का नाम आ गया, तो सत्तारूढ़ पार्टी को लगा कि अब तो चुनावी तारणहार मुद्दा मिल गया है और उन्होंने तुरंत कह दिया कि कांग्रेस धौलास में ही मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने जा रही थी. अब जब भाजपा के धौलास के साथ जुड़े पाखंड और भ्रष्टाचार की पोल खुल चुकी है, तो देखते हैं विपक्ष के रूप में हम कितना भाजपा के पाखंड का पर्दाफाश कर पाते हैं.

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आगे उन्होंने कहा, झूठ के पंख लगाकर भाजपा ने 2022 का चुनाव तो जीता. मगर 2027 से पहले हमने प्रयास किया कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी का झूठ जनता-जनार्दन तक पहुंच जाए. धौलास भूखंड के पाखंड ने भाजपाइयों की पोल-पट्टी तो खोल ही दी. मैं तो पहले दिन से कह रहा हूं कि राज्य में डेमोग्राफिक चेंज के लिए यदि कोई जिम्मेदार है, तो वह भारतीय जनता पार्टी की 2018 और उसके बाद की नीतियां और उनकी सरकारें हैं. अब देखना है, सत्य विपक्ष के साथ है और झूठ भाजपा के साथ.