देहरादून. प्रदेश में जंगली जानवर गांवों के अंदर आए दिन नजर आ जाते हैं. ऐसे में लोगों में दहशत का माहौल देखने को मिल रहा है. कई बार तो जानवरों ने लोगों को अपना शिकार भी बनाया है. जिसे लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने धामी सरकार पर निशाना साधा है. हरीश रावत ने कहा, एक अजीब-सा दहशत का माहौल इस समय पूरे उत्तराखंड में व्याप्त है और राज्य सरकार पता नहीं क्यों, कानों में उंगली डालकर बैठी हुई है?

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आगे उन्होंने कहा, सारा उत्तराखंड इस समय वन्यजीवों के आतंक से परेशान है. मैदानी क्षेत्रों में सूअर, हाथी, नीलगाय आदि और पर्वतीय क्षेत्रों में बंदर, लंगूर, भालू, गुलदार, सूअर, सब तरीके के जंगली जानवर और आज हालात यह है कि गुलदार और भालू ने गांवों के अंदर लोगों का जीवन असुरक्षित कर दिया है, रही सही कसर सूअर पूरी कर दे रहा है. कितनी तकलीफ होती है, मन विचलित हो जाता है, जब पता चलता है कि गुलदार, मां की गोद से बच्चे को छीन करके ले गया, बच्चे को खा दे रहा है और यह कोई एक घटना नहीं है.

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आगे हरीश रावत ने ये भी कहा कि आज स्कूलों में कई स्कूल या तो बंद होंगे, परीक्षाएं कहां देंगे बच्चे? उसका सवाल बच्चों के सामने पैदा होता है. बच्चों की पढ़ाई है, घर का कामकाज तो बंद पड़ा ही है. जंगलों में यदि कोई घास या लकड़ी लेने जा रहा है, वह वापस जिंदा आएंगे या नहीं आएंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है, तो एक अजीब सी दहशत का माहौल पूरे उत्तराखंड में व्याप्त है और राज्य सरकार पता नहीं क्यों कानों में उंगली डाल करके पड़ी हुई है?

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उन्होंने आगे कहा, इन वन्यजीवों से छुटकारे के लिए एक बेस्ट प्रोग्राम लेकर के सामने आना चाहिए और यदि उनके दिमाग में कोई सुझाव न आ रहे हों, मैं उनके साथ बातचीत करने के लिए तैयार हूं, लेकिन लोगों का जीवन महत्वपूर्ण है, इस बात को मान करके राज्य सरकार को खुले मन और भावना के साथ कुछ कदम उठाने चाहिए और ऐसे कदम उठाने में हम उनका पूरा सहयोग देंगे.