देहरादून. पूर्व सीएम हरीश रावत ने नौकरी और रोजगार को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए गंंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा की फिलॉसफी में रोजगार संवर्धन कभी रहा ही नहीं. आज करीब ढाई करोड़ पद भाजपा शासित राज्यों से लेकर केंद्र सरकार तक में रिक्त पड़े हुए हैं. इन ढाई करोड़ नौजवानों का हक भाजपा दबाए बैठी हुई है.

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आगे हरीश रावत ने कहा, रहा सवाल प्राइवेट सेक्टर के अंदर रोजगार आदि का, तो वहां इन्होंने जो नीतियाँ बनाई हैं और श्रम कानूनों में जो परिवर्तन किए हैं, उनके आधार पर आज किसी की नौकरी सुरक्षित नहीं है. आज श्रमिक सुरक्षित नहीं है. आज श्रमिक अपने शोषण के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकता है, उससे संघर्ष की शक्ति भाजपा ने छीन ली है.

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आगे हरीश रावत ने कहा, सामान्य व्यक्ति कांग्रेस की नीतियों का केंद्र रहा है. भाजपा की नीतियों में सामान्य व्यक्ति कभी केंद्र में रहा ही नहीं. हमेशा पूंजीपति और बड़े साधन वाले लोग ही उनकी नीतियों का केंद्र रहे हैं. नीतियां बताती हैं कि सरकार किसके साथ खड़ी है.