देहरादून. पूर्व सीएम हरीश रावत ने धामी सरकार के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए हमला बोला है. हरीश रावत ने कहा, योजनाएं सरकार की नहीं, जनता की होती हैं. सरकार बदलने के साथ जनहित की योजनाओं में ठहराव नहीं आना चाहिए. आप योजनाओं के नाम बदल सकते हैं, लेकिन योजनाएं निरंतर चलती रहनी चाहिए. दुर्भाग्य से हमारे राज्य में इसके विपरीत हुआ है.

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आगे उन्होंने कहा, 2017 तक हमने जिन योजनाओं को “उत्तराखंडियत” की भावना के अंतर्गत आम लोगों के सशक्तिकरण, आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और जन-कल्याण के लिए प्रारंभ किया था, भाजपा सरकारों ने उन्हें बंद करने का काम किया है. हमने जिन बोनस योजनाओं के अंतर्गत जल बोनस योजना शुरू की थी, उसे भी भाजपा सरकार ने बंद कर दिया.

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हरीश रावत ने ये भी कहा कि उत्तराखंड के लिए जल संरक्षण और जल संग्रहण अत्यंत आवश्यक है. यदि हम इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें, तो उत्तराखंड वास्तव में एक जल शक्ति बन सकता है.