हल्द्वानी. धामी सरकार में कागजों में तो जमकर विकास कार्य किया है, लेकिन असलियत में विकास को अपने विकास का इंतजार है. हालांकि, ये इंतजार कब खत्म होगा ये भगवान ही जाने. बदहाल सड़कें, टूटी नालियां और चारों तरफ फैले कचरे के अंबार से लोगों का बुरा हाल है. लेकिन सरकार और उसका मौज में है. बदहाली की तस्वीर शेयर कर पूर्व सीएम हरीश रावत ने धामी सरकार के विकास के हवा-हवाई दावों को पोल खोलते हुए निशाना साधा है.

इसे भी पढ़ें- जनता परेशान होती है तो होने दो..! महंगाई के मुद्दे पर धामी सरकार पर बरसे यशपाल आर्य, बजट को लेकर दिया बड़ा बयान

पूर्व सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, हल्द्वानी के विभिन्न क्षेत्रों में UUSDA (Uttarakhand Urban Sector Development Agency) द्वारा पानी की पाइपलाइन और सीवरेज कार्य के नाम पर सड़कों को खोदकर छोड़ देना सरकार की कार्यशैली का जीता-जागता उदाहरण बन गया है. हल्द्वानी सहित अधिकांश शहरी क्षेत्रों में लोग रोज़ गड्ढों, धूल और अव्यवस्था से जूझ रहे हैं. सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीन पर जनता टूटी सड़कों और बदहाल व्यवस्था से परेशान है.

इसे भी पढ़ें- धामी सरकार को न शिक्षा से मतलब, न सुरक्षा से! नेता विपक्ष ने दिखाई ‘बदहाल’ उत्तराखंड की तस्वीर, जंगली-जानवर और एजुकेशन के मुद्दे पर घेरा

आगे हरीश रावत ने कहा, इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है. सूत्रों के अनुसार काम कर रही कंपनी राजस्थान की है और अपने मनमाने तरीके से काम कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है. विकास का मतलब केवल सड़कें खोद देना नहीं होता, उन्हें समय पर ठीक करना भी सरकार की जिम्मेदारी होती है. सरकार को तुरंत संज्ञान लेकर सड़कों की मरम्मत करानी चाहिए, ताकि जनता को राहत मिल सके.