देहरादून। उत्तराखंड में विपक्ष और कई संगठनों ने 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की देखरेख में CBI से कराने की मांग करते हुए राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। दुकानें और बाज़ार हमेशा की तरह खुले हैं, और पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसी बीच पूर्व सीएम हरीश रावत का बयान सामने आया है।

अलग-अलग पहलुओं की जांच जरूरी

पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि यह निरंतर चलने वाले संघर्ष का हिस्सा है। जब तक सरकार सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में, सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश की देखरेख में CBI जांच नहीं करवाती, तब तक हम मांग करते रहेंगे और संघर्ष करते रहेंगे क्योंकि इस हत्या और इसके अलग-अलग पहलुओं की जांच ज़रूरी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वह VIP, जिसका कद इतना ऊंचा है।

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सबूत मिटाए जा रहे है

हरीश रावत ने आगे कहा कि सरकार पिछले तीन-साढ़े तीन साल से उस VIP को बचाने की कोशिश कर रही है, सबूत मिटाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं CCTV कैमरों से छेड़छाड़ की जा रही है, और लोगों को संदेह होता रहेगा। इसलिए, न्याय के हित में, उस VIP के खिलाफ नामजद FIR हो और जिन लोगों ने साक्ष्य नष्ट किए हैं उनके खिलाफ भी FIR की जाए।