देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (MPRY) तथा मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (MBADP) की अनुवीक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों में रोजगार व आजीविका से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर गैप न रहे। जनपदों से आने वाले प्रस्तावों के अनुमोदन की प्रक्रिया को तेज़ रखते हुए निर्धारित टाइमलाइन में कार्य पूर्ण किए जाएं।

उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में टारगेटेड अप्रोच और प्रभावी इंटरवेंशन अपनाने के निर्देश दिए, ताकि अपेक्षित परिणाम प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में MPRY और MBADP संचालित हैं, वे स्वरोजगार व आजीविका के मामलों में अन्य सीमांत गांवों के लिए प्रेरणादायी मॉडल बनें। साथ ही सीमांत गांवों में उपलब्ध संसाधनों और कमी (गैप) का वैज्ञानिक अध्ययन कर उसी अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए। मुख्य सचिव ने दोनों योजनाओं की प्रगति में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।

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ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी ने बताया कि योजनाओं का प्रभाव दिख रहा है। बैठक में सचिव सचिन कुर्वे व डी.एस. गर्ब्याल, विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव अनुराधा पाल, झरना कमठान, HoFF वन विभाग रंजन कुमार मिश्र सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।