कांकेर। बांदे के ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। पिछले सप्ताह भर से बांदे के मरोड़ा फीडर में अघोषित रूप से बिजली आपूर्ति बंद कर दी जा रही है। विभाग द्वारा मेंटनेंस का हवाला देकर घंटों बिजली आपूर्ति ठप कर दी जाती है, जिसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बिजली की आंख मिचौली से ग्रामीण परेशान हैं। यहां बिजली के आने जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा है।
बिजली कटौती ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। कभी-कभी सुबह से शाम तक बिजली गुल रहने से पानी की विकट समस्या खड़ी हो जाती है। गुरुवार को भी बिना किसी सूचना के सुबह 11 बजे से शाम 4:30 बजे तक बिजली पूरी तरह से बंद रही। दूसरी और किसानों की भी चिंता बढ़ रही है।


सूखने लगी है मक्के की फसल, फोन नहीं उठाते अफसर
परलकोट क्षेत्र में इन दिनों हर किसान के खेत में मक्के की फसल है। गर्मी बढ़ने से खेत में पानी की भी जरूरत बढ़ गई है।पिछले एक हफ्ते से मरोड़ा फीडर की बिजली व्यवस्था चरमरा जाने से मक्के की फसल सूखने लगी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली की समस्या का समाधान कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई जाए। वहीं बांदे बिजली विभाग के अधिकारी ढोमेंद्र ठाकुर से संपर्क करने पर उन्होंने फोन रिसीव करने तक मुनासिफ नहीं समझा।
बिजली दफ्तार का घेराव करने की दी चेतावनी
मरोड़ा सरपंच गायत्री मंडावी ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर जल्द बिजली व्यवस्था की सुधार नहीं की जाती है तो हम अपने क्षेत्र के किसानों के साथ बांदे बिजली विभाग के दफ्तर का घेराव करने मजबूर होंगे, जिसका जिम्मेदार बिजली विभाग के लापरवाह अधिकारी होंगे।

