रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 9 जनवरी से 13 जनवरी तक आयोजित होने वाली राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी में भ्रष्टाचार के आरोप के बाद अब बड़ा भ्रम सामने आया है। एक ओर भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के वैधानिक अध्यक्ष और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रशासनिक विवादों और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते आयोजन को स्थगित करने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर स्कूल शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की ओर से जारी प्रेस नोट में स्थगन की खबरों को भ्रामक बताते हुए आयोजन को तय कार्यक्रम के अनुसार कराने की बात कही है।

बृजमोहन अग्रवाल का प्रेस नोट

स्काउट्स एंड गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य परिषद की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सांसद एवं परिषद के वैधानिक अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में 5 जनवरी को हुई पदाधिकारियों की बैठक में सर्वसम्मति से 9 जनवरी से बालोद में प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला लगातार सामने आ रहे प्रशासनिक विवादों और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को ध्यान में रखते हुए लिया गया।

बैठक में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि पूर्व में राज्य कार्यकारिणी एवं राज्य परिषद द्वारा राजधानी क्षेत्र नया रायपुर में राष्ट्रीय,आदिवासी रोवर–रेंजर जंबूरी आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद राज्य परिषद एवं कार्यकारिणी की अनुमति और सहमति के बिना राज्य स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जंबूरी का आयोजन स्थल बदलकर छोटे कस्बे बालोद में निर्धारित कर दिया गया, जो कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के संविधान, नियमों एवं प्रक्रियाओं का सीधा उल्लंघन है।

बैठक में यह भी गंभीर तथ्य सामने आया कि राज्य सरकार के बजट में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय जंबूरी के लिए वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत 10 करोड़ रुपये की राशि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के खाते में स्थानांतरित न कर जिला शिक्षा अधिकारी, बालोद के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। यह कदम न केवल संस्था की स्वायत्तता पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि इसे स्पष्ट वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना गया।

इसके अतिरिक्त बिना विधिवत टेंडर खुले, जम्बूरी स्थल पर निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने, तथा टेंडर आमंत्रण भी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के बजाय जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किए जाने के आरोपों ने पूरे आयोजन को संदेह के घेरे में ला दिया है। इन तथ्यों के चलते आयोजन से जुड़े भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी समाचार पत्रों के माध्यम से सामने आ रहे हैं।

बैठक में यह दोहराया गया कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स एक स्वतंत्र, राष्ट्रीय स्तर की स्वायत्त संस्था है, जो अपने संविधान, नियमावली और रूल्स बुक के अनुरूप संचालित होती है, न कि किसी विभागीय आदेश के आधार पर। राज्य स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संस्था के उद्देश्यों, सेवा भाव एवं अनुशासनात्मक ढांचे के विपरीत लगातार हस्तक्षेप किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

इन सभी तथ्यों, विवादों और आरोपों पर गहन विचार–विमर्श के पश्चात यह निर्णय लिया गया कि बालोद में प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जम्बूरी को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इसके बावजूद जंबूरी का आयोजन किया जाता है, तो उसकी समस्त प्रशासनिक, वित्तीय एवं नैतिक जिम्मेदारी राज्य स्कूल शिक्षा विभाग की होगी।

राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूर स्थगन की खबरें भ्रामक

वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की ओर से जारी प्रेस नोट में स्थगन की खबरों को शिक्षा विभाग ने भ्रामक बताया है। प्रेस नोट में कहा गया है कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है कि इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की मेजबानी राज्य को पहली बार प्राप्त हुई है। इस जंबूरी में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 12 हजार से 15 हजार रोवर-रेंजरों के आगमन की संभावना है। आयोजन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स रोवर-रेंजरों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।

सोशल मीडिया एवं कुछ समाचार माध्यमों में यह भ्रामक खबर प्रसारित की जा रही है कि उक्त आयोजन को स्थगित कर दिया गया है। इस संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि यह सूचना पूरी तरह असत्य और निराधार है। राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी अपने निर्धारित तिथि एवं कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जा रही है। आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस 8 जनवरी को दोपहर 1 बजे जंबूरी स्थल दुधली, जिला बालोद में आयोजित की जाएगी।