कुंदन कुमार/पटना। बिहार सरकार के कामकाज और राज्य की वर्तमान स्थिति पर केंद्रीय मंत्री राजभूषण निषाद ने अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने न केवल शराबबंदी के सकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की बल्कि बढ़ते अपराध और जमीनी विवादों पर भी सरकार का रुख साफ किया।

​शराबबंदी: समाज के लिए वरदान या चुनौती?

​केंद्रीय मंत्री ने शराबबंदी कानून का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि इस फैसले से आम जनता विशेषकर गरीब परिवारों को बड़ा फायदा हुआ है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ लोग तंत्र में सेंध लगाकर गड़बड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं। निषाद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार ऐसे तत्वों को बख्शने के मूड में नहीं है। पुलिस और प्रशासन लगातार छापेमारी कर रही है और जो भी इस अवैध कारोबार में संलिप्त पाया जा रहा है, उसे न केवल पकड़ा जा रहा है बल्कि कठोर सजा भी दिलवाई जा रही है।

​अपराध की जड़: जमीनी और आपसी विवाद

​राज्य में बढ़ते अपराध के ग्राफ पर विपक्ष के हमलों के बीच मंत्री ने एक अलग दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में सामने आई अधिकांश बड़ी घटनाएं पूर्व नियोजित पेशेवर अपराध न होकर व्यक्तिगत रंजिश और जमीन के झगड़ों का परिणाम हैं। उनके अनुसार आपसी विवाद और भूमि विवाद ही मुख्य कारण हैं जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है।

​पुलिस की सक्रियता और सख्त कार्रवाई

​कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जनता को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है। जहां भी अप्रिय घटनाएं घट रही हैं वहां पुलिस तुरंत कार्रवाई कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज रही है। सरकार का संकल्प स्पष्ट है अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई तय है ताकि समाज में सुरक्षा का भाव बना रहे।