शिव के बिना नंदी और नंदी के बिना भगवान शिव अधूरे है! लेकिन देश में ऐसा भी है मंदिर है, जो शिव के नाम से नहीं, बल्कि उनके प्रिय भक्त, वाहन और गण नंदी के नाम से जाने जाते हैं. इस मंदिर नंदी महाराज खुद शिवलिंग का लगातार अभिषेक करते हैं. यह जगह बेंगलुरु शहर के मल्लेश्वरम लेआउट में है. जिसे श्री दक्षिणामुख नंदी तीर्थ कल्याणी क्षेत्र के नाम से जाना पहचाना जाता है. इस मंदिर की विशेषता है कि नंदी की मूर्ति के मुंह से लगातार पानी की धारा बहती है. जो सीधे शिव का अभिषेक करती है. सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि इस रहस्य को कोई नहीं जान पाया है. नंदी के मुंह तक यह जलधारा कहा से आ रही है.

मंदिर जमीन की खुदाई में प्रकट हुआ
श्री दक्षिणामुख नंदी तीर्थ को नंदीश्वर तीर्थ, बसवा तीर्थ या लोकल भाषा में मल्लेश्वरम नंदी गुड़ी के नाम से भी जाना जाता है. करीब 400 साल पुराने इस पवित्र मंदिर की खोज सन् 1997 में फिर से जमीन की खुदाई के दौरान हुई. इस मंदिर के ऊपर दक्षिण के दूसरे बड़े मंदिरों की तरह गोपुरम नहीं है. अन्य एतिहासिक मंदिरों की तुलना में यह काफी छोटा है. फिर भी नंदी के मुंह से शिव का अभिषेक भक्तों के बीच एक खास आकर्षण और श्रद्धा को बढ़ाता है.
स्थापना को लेकर दंतकथा
श्री दक्षिणामुख नंदी मंदिर के प्रकटय को लेकर कई कथा प्रचलित है. इनमें से एक बहुत प्रचलित कथा के अनुसार इस क्षेत्र में कभी मूंगफली की खेती हुआ करती थी. किसानों एक परेशानी का सामना बार-बार कर रहे थेक. जब भी पूर्णिमा की रात आती एक सांड मूंगफली के खेतों में घुसकर पूरी फसल को नष्ट कर देता था. एक रात सभी किसानों ने सांड को पकड़ने का फैसला किया. जब सभी उस सांड का पीछा करते हुए दौड़े तो वह एक पहाड़ी पर तेजी से भाग रहा था. लेकिन, ऊपर पहुंचने के बाद अचानक सांड गायब हो गया. उसकी जगह उन्हें नंदी (जिसे कन्नड़ में बसवा भी कहते हैं) की एक मूर्ति मिली.
किसानों ने भगवान शिव के गण के गुस्से को शांत करने के लिए मूर्ति वाली जगह पर एक मंदिर बनवा दिया. नंदी मंदिर बनने के बाद से उस सांड ने वहां खेतों को नुकसान पहुंचाना बंद कर दिया. इस वजह से यहां के हर साल त्योहार मनाते हैं. अपनी फसल का पहला हिस्सा नंदी को चढ़ाते हैं. मंदिर में नंदी की मूर्ति दुनिया की सबसे बड़ी मूर्तियों में से एक मानी जाती है.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक


