लखनऊ। योगी कैबिनेट की बैठक में कुल 30 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पास हुआ, जिसके तहत अब विक्रेता की पहचान खतौनी के आधार पर देखी जा सकेगी और विक्रेता को मिल्कियत लगाना अनिवार्य होगा।

स्टाम्प पंजीयन विभाग का प्रस्ताव मंजूर

वहीं नगर निगम सीमा के भीतर 2 प्रतिशत विकास शुल्क लागू करने का भी निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने परिवहन विभाग से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना के तहत प्रदेश की 59,163 ग्राम सभाओं तक बस सेवा पहुंचाई जाएगी।

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कांशीराम आवास योजना से जुड़ा प्रस्ताव मंजूर

इसके लिए 28 सीटर छोटी बसें चलाई जाएंगी ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके। इसके साथ ही ओला और उबर जैसी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में संचालन के लिए अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा और हर पांच साल में इसका नवीनीकरण करना होगा। बैठक में कांशीराम आवास योजना से जुड़ा प्रस्ताव भी मंजूर किया गया।

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इसके तहत अवैध कब्जेदारों को हटाकर आवासीय इमारतों की मरम्मत और पेंट कराया जाएगा तथा इन आवासों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पात्र परिवारों को आवंटित किया जाएगा। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को हर साल अपनी संपत्ति घोषित करना अनिवार्य होगा और यदि कोई कर्मचारी छह महीने के मूल वेतन से अधिक निवेश करता है तो उसकी जांच की जाएगी।

योगी कैबिनेट के बड़े फैसले

  1. स्टाम्प पंजीयन विभाग का प्रस्ताव मंजूर
  2. विक्रेता की पहचान खतौनी से देख सकेंगे
  3. विक्रेता को मिल्कियत लगाना अनिवार्य
  4. नगर निगम सीमा में 2% विकास शुल्क
  5. परिवहन विभाग से जुड़ा प्रस्ताव भी पास
  6. CM ग्रामीण परिवहन योजना को मंजूरी
  7. 59,163 ग्राम सभाओं में बस से परिवहन
  8. 28 सीटर छोटी बसें ग्राम सभा तक पहुंचेंगी
  9. ओला, उबर को UP में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा
  10. हर 5 वर्ष में रजिस्ट्रेशन का रिनीवल होगा
  11. कांशीराम योजना के आवासों से जुड़ा प्रस्ताव
  12. अवैध कब्जेदारों को हटाकर बिल्डिंग पेंट होगी
  13. यहां SC-ST परिवारों को आवास दिया जाएगा
  14. सरकारी कर्मी हर साल संपत्ति घोषित करेंगे
  15. 6 माह के मूल वेतन से अधिक निवेश की जांच होगी