फर्रखाबाद। जिले के सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने फांसी लगाकर जान दे दी है। परिजनों ने मारपीट-हत्या करने का आरोप लगाया है। घटना से जेल में हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

नाबालिग से दुष्कर्म का लगा था आरोप

पुलिस ने बताया कि सिलसंडा निवासी प्रभात के खिलाफ जून 2023 में पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। फरवरी 2024 को कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जिसके बाद 24 मार्च 2024 को प्रभात सेंट्रल जेल में निरुद्ध हुआ था। कैदी ने कारखाने के निकट स्थित पुराने भवन में लोहे की रॉड से गमछे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे अस्पताल भी पहुंचाया गया लेकिन उसने दम तोड़ दिया।

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मृतक की मां ने कहा कि आठ दिन पहले प्रभात से मिलकर गई थी। मुलाकात के दौरान प्रभात ने किसी प्रकार की परेशानी की बात नहीं बताई थी। ऐसे में अचानक यह कैसे हो गया,समझ में नहीं आ रहा। बता दें कि मृतक शादीशुदा था और उसके दो बेटियां दिव्यांषी, अशुंमा और एक बेटा आयुष है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।