अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. पीडीडीयू नगर शासन ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में चंदौली में तैनात खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार गोंड और सेनेटरी सुपरवाइजर गणपति पाठक को निलंबित कर दिया है. कारोबारियों को डरा-धमकाकर धन वसूली करने, नमूनों को पास कराने का झांसा देने और सीज किए गए माल को गलत तरीके से खुलवाने के आरोपों की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई.

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बता दें कि जनवरी के पहले सप्ताह में चकिया क्षेत्र के एक व्यापारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ था. इसमें आरोप लगा कि अधिकारी सीज की गई 215 बोरी सूजी और मैदा को खपाने की सलाह दे रहे थे. साथ ही यह भरोसा भी दिया गया कि यदि कोई टीम जांच के लिए आएगी तो पहले से सूचना दे दी जाएगी और सीज की कार्रवाई भी रद्द करवाई जा सकती है.

आरोप है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सील माल खुलवाने और विभागीय कार्रवाई से बचाने के नाम पर 51 हजार रुपये लिए, जबकि सेनेटरी सुपरवाइजर ने 10 हजार रुपये की वसूली की. अधिकारी के आश्वासन पर व्यापारी ने सीज माल बेच दिया. बाद में ऑडियो वायरल होने पर मामला सामने आया और जांच शुरू हुई. विंध्याचल मंडल के सहायक आयुक्त (खाद्य) प्रथम चंदौली पहुंचे और व्यापारी का बयान दर्ज किया. व्यापारी ने ऑडियो-वीडियो समेत कई साक्ष्य जांच अधिकारी को सौंपे. इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट शासन को भेजी गई, जिसके बाद दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया.

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चकिया के व्यापारी संदीप कुमार केशरी ने कहा कि पहले विभाग की टीम माल सीज कर देती है और बाद में उसी विभाग के कुछ अधिकारी रुपये लेकर सीज माल बेचने की सलाह देते हैं. उनके मुताबिक रुपये लेने के बाद माल बेच दिया गया, लेकिन बाद में विभाग ने कार्रवाई कर दी. उन्होंने जांच में सभी सबूत उपलब्ध कराए. मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.एन. त्रिपाठी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार गोंड और सेनेटरी सुपरवाइजर गणपति पाठक को निलंबित कर दिया है. मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है.