अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. चकिया तहसील स्थित सावित्रीबाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं के अभाव से छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में नजर आ रहा है. क्षेत्रीय सांसद छोटेलाल खरवार ने महाविद्यालय की बदहाल स्थिति का संज्ञान लेते हुए इसे संसद में उठाने की घोषणा की है. साथ ही उन्होंने महाविद्यालय की समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ठोस कार्रवाई की मांग करने की बात कही है.
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बता दें कि महाविद्यालय वनांचल क्षेत्र सहित सैकड़ों गांवों के विद्यार्थियों के लिए एकमात्र राजकीय स्नातकोत्तर शिक्षण संस्थान है, लेकिन विडंबना यह है कि यह वर्षों से प्राचार्य विहीन संचालित हो रहा है. प्राचार्य के अभाव में शैक्षणिक, प्रशासनिक और विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं, जिसका सीधा असर यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भविष्य पर पड़ रहा है. महाविद्यालय में शुद्ध पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. गर्मी के मौसम में विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. छात्रों का कहना है कि कई बार उन्हें बाहर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ता है, जो एक राजकीय महाविद्यालय के लिए अत्यंत चिंताजनक और शर्मनाक स्थिति है.
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इसके अलावा महाविद्यालय का कम्प्यूटर कक्ष, पुस्तकालय और खेलकूद की सुविधाएं बदहाली का शिकार हो चुकी हैं. अधिकांश कम्प्यूटर खराब पड़े हैं या उपयोग के लायक नहीं हैं. पुस्तकालय में न तो पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध हैं और न ही संसाधनों का समुचित रख-रखाव किया जा रहा है. खेल मैदान एवं खेल सामग्री की स्थिति भी अत्यंत दयनीय बनी हुई है, जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगिण विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. महाविद्यालय परिसर में लाखों रुपये की लागत से निर्मित प्राचार्य आवास देखरेख के अभाव में आज खंडहर में तब्दील हो चुका है. जर्जर भवन सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर स्पष्ट संकेत करता है.
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इस संबंध में सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि महाविद्यालय क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ है, और इसकी उपेक्षा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने आश्वासन दिया कि वे प्राचार्य की शीघ्र नियुक्ति, शुद्ध पेयजल, पुस्तकालय, कम्प्यूटर, खेलकूद सुविधाओं सहित अन्य मूलभूत आवश्यकताओं को लेकर जिला प्रशासन एवं मुख्यमंत्री को लिखित पत्र भेजेंगे और आवश्यक कार्रवाई के लिए दबाव बनाएंगे. सांसद के इस कदम का क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने स्वागत किया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि अब महाविद्यालय की दशा सुधरेगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.
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