लखनऊ। महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने अब धर्म की राह छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोमवार को वीडियो जारी कर कहा कि महाकुंभ 2025 से शुरू हुई कहानी अब खत्म हो रही है।मैंने कोई गलत काम नहीं किया। न चोरी की, न कोई अनैतिक कार्य किया, न किसी के साथ अन्याय किया। फिर भी, जब-जब मैंने धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रयास किया, मुझे बार-बार रोका गया, मेरा मनोबल तोड़ा गया। हर्षा रिछारिया अभी प्रयागराज माघ मेले में हैं। इस बार वह अपने भाई दीपक के साथ पहुंची हैं।
मैं आज कर्ज में डूबी हुई हूं
हर्षा रिछारिया ने कहा कि इस एक साल में मैंने बहुत सारे विरोध का सामना किया है। अब मौनी अमावस्या के बाद धर्म के रास्ते को छोड़ूंगी और अपने पुराने प्रोफेशन में जाऊंगी। किसी लड़की के चरित्र पर सवाल उठना आसान नहीं है, लेकिन मैं सीता नहीं हूं कि जो अग्नि परीक्षा दूं। लोगों को लगा था कि धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों कमा रही हूं। मगर ऐसा नहीं है। जो लोग आज धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों रुपए कमा रहे हैं, उनके बीच मैं आज कर्ज में डूबी हुई हूं।
READ MORE: ‘अबे मैं उत्तर प्रदेश का हूं, पटक दूंगा…’, ओवैसी की पार्टी के प्रत्याशी पर भड़के अबू आजमी, कहा- ये लोग वोट बांटते है
बता दें कि हर्षा भोपाल की रहने वाली हैं और उनके पिता नौकरी छोड़ चुके हैं। वहीं हर्षा रिछारिया की मां एक बुटीक चलाती हैं। हर्षा ने मॉडल और एंकर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। जिसमें उन्हें अच्छी खासी सफलता भी मिली लेकिन धीरे-धीरे उनका मन इन सब चीजों से भंग होने लगा और वो आध्यात्म की ओर बढ़ने लगी। हर्षा के सोशल मीडिया अकाउंट कई धार्मिक स्थलों के फोटों से भरे पड़े हैं। हर्षा रिछारिया आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या है।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें


