Noida Employee Protest: यूपी के नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है पुलिस ने उपद्रव, तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में FIR दर्ज की है । प्रदर्शन के दौरान पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं। जिसके बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, यह कर्मचारी अपनी जरूरी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
24 घंटे में कई फर्जी अकाउंट बनाए गए
नोएडा बवाल के बाद पूरे NCR में हाईअलर्ट है। पुलिस मुख्यालय से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। अराजकता रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किया गया है। 50 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित किया गया है। भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 24 घंटे में कई फर्जी अकाउंट बनाए गए है। मामले की जांच STF को सौंपी गई है। जांच एजेंसी डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है। PM मोदी के सहारनपुर दौरे को लेकर कड़ी सुरक्षा की गई है। साथ ही लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
- न्यूनतम वेतन की गारंटी
- समय पर पूरा वेतन भुगतान
- समान कार्य के लिए समान वेतन
- ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान
- ईपीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी की सुविधा
- सुरक्षित कार्यस्थल और उत्पीड़न पर रोक
- साप्ताहिक अवकाश और महिला श्रमिकों के लिए विशेष प्रावधान
- छंटनी की स्थिति में मुआवजा और रोजगार सुरक्षा
हाई लेवल कमेटी का किया गया गठन
यूपी के नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हुए बवाल के बाद शासन ने बड़ा कदम उठाते हुए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बनी इस समिति में सूक्ष्म, लघु एवं श्रम सेवा योजनाओं के प्रमुख सचिव के साथ श्रम आयुक्त को भी शामिल किया गया है। राज्य सरकार की यह पहल इस बात को साबित करती है कि समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयास से ही संभव है।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर उच्च स्तरीय कमेटी नोएडा पहुंची, जिसका उद्देश्य सभी हितधारकों के बीच सामंजस्य स्थापित करना और समस्याओं का समाधान करना था। कमेटी ने स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। कमेटी ने यह स्पष्ट किया कि शीघ्र ही सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। साथ ही, माहौल को ख़राब करने वाली गतिविधियों की गहन जांच भी की जाएगी। सरकार ने दोहराया है कि श्रमिकों की चिंताओं को संवाद के माध्यम से दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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42 हजार श्रमिकों का प्रदर्शन
वहीं CP लक्ष्मी सिंह ने कहा कि 2 सोशल मीडिया अकाउंट पर FIR दर्ज हो गई हैं। गलत जानकारी पब्लिश करने से उग्र प्रदर्शन हुआ। दूसरे जिलों से आई भीड़ ने माहौल बिगाड़ा हैं। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ FIR दर्ज -CP‘83 स्थलों पर 42 हजार श्रमिकों ने प्रदर्शन किया हैं।’ 78 स्थानों पर लोगों को समझाकर वापस भेजा गया हैं। श्रमिकों की 5 मांगों में से 4 मांगे मानी गई हैं। बाकी मांगों को हाईलेवल कमेटी बनाई गई है, हाई लेवल कमेटी की एक मीटिंग हो चुकी है। उन्होंने श्रमिकों से शांति की अपील किया।
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बता दें कि मजदूर लंबे समय से वेतन बढ़ाने, ओवरटाइम का भुगतान, बोनस और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग कर रहे थे। बताया जा रहा है कि पड़ोसी राज्य हरियाणा के मुकाबले नोएडा में मजदूरों को कम वेतन मिल रहा है, जिससे असंतोष लगातार बढ़ता गया। शुरुआत में मजदूरों ने शांतिपूर्ण धरना दिया, लेकिन समय के साथ भीड़ बढ़ी और मांगों पर ठोस कार्रवाई न होने से नाराजगी उग्र रूप में सामने आ गई।
सोमवार को प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। कई इलाकों में गाड़ियों में आग लगा दी गई, सड़कें जाम हो गईं और पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़पें भी देखने को मिलीं। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर तक ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ और आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
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