कृष्ण कुमार मिश्र, जौनपुर. अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय रूपाली सक्सेना की अदालत ने मीरगंज थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग लड़की का अपहरण और दुष्कर्म करने के आरोपी भोला सिंह को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 13,000 रुपए अर्थदंड लगाया. वहीं अपहरण और पॉक्सो एक्ट के आरोपी मंगला सिंह को 4 वर्ष के कठोर कारावास और 8000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया.
इसे भी पढ़ें- भाजपा सरकार बेईमानी के… अखिलेश यादव ने साधा निशाना, SIR और 2027 चुनाव को लेकर दे दिया बड़ा बयान
अभियोजन कथानक के अनुसार मीरगंज थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता की मां ने मुकदमा पंजीकृत करवाया कि 7 अक्टूबर 2017 को 8:00 बजे 15 वर्षीय पुत्री को खाना बनाने को कहा तब उसने मना किया. थोड़ी देर बाद जेठ ने बताया कि पीड़िता पैदल ही जंघई की तरफ गई है. रातभर घर नहीं आई. लड़की रिश्तेदार के यहां पहुंची. फोन से सूचना मिलने पर वादिनी वहां गई तो पीड़िता ने बताया कि वह सड़क पकड़ कर जा रही थी. रास्ते में मोटरसाइकिल से मंगला सिंह मिले और उसे बैठाकर जंघई की तरफ जाने लगे. रास्ते में उसके साथ बुरा काम किया.
इसे भी पढ़ें- ‘गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं नरेंद्र मोदी’, राहुल गांधी का प्रधानमंत्री पर हमला, मनरेगा चौपाल में घेरते हुए दे दिया बड़ा बयान
फिर जंघई रेलवे फाटक के पास लेकर गए. वहां भोला सिंह पीड़िता को मोटरसाइकिल से लेकर चले गए. रेलवे स्टेशन के आगे नदी के किनारे ले जाकर भोला ने पीड़िता के साथ दुराचार किया और पीड़िता को छोड़कर चला गया. वह रिश्तेदार के घर पहुंची, वहां जाकर वादिनी पीड़िता को लेकर घर आई. पुलिस ने विवेचना करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया. शासकीय अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी व रमेश चंद्रपाल के द्वारा परीक्षित कराए गए गवाहों के बयान एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को उक्त दंड से दंडित किया.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें


