लखनऊ। दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की कस्टडी में मौत के मामले में सेंगर के सजा निलंबन की अर्जी खारिज कर दी है। सेंगर ने जेल में खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए सजा निलंबन की मांग की थी लेकिन सीबीआई और पीड़िता ने इसका कड़ा विरोध किया। जिसके बाद कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार किया। सेंगर पहले से ही उन्नाव बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। इस फैसले को उनके लिए बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है।
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने इससे पहले उन्नाव रेप मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और देश की शीर्ष अदालत ने कुलदीप सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी थी। अदालत ने पीड़िता को अलग से पिटीशन डालने का ऑफर दिया था और न्याय के लिए मदद देने की पेशकश की थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर पीड़ित पक्ष और उनके समर्थकों ने राहत जताई थी।
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क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि साल 2017 में उन्नाव पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। जिसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर ने 13 मार्च 2020 को इस फैसले को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस दौरान कोर्ट ने कहा था कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की हिरासत में मौत मामले में नरमी नहीं बरती जा सकती है। बता दें कि पीड़िता के पिता को हथियार रखने के आरोप में जेल भेजा था। वहां हिरासत में उनकी मौत हो गई थी।
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