लखनऊ. BLO के पति से मारपीट के मामले में अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है. अखिलेश यादव ने कहा, माननीय सर्वोच्च न्यायालय तत्काल संज्ञान ले, क्योंकि और किसी से उम्मीद नहीं बची है. भाजपा और उनके सहयोगी अपराधियों की तरह पेश आ रहे हैं. वो उप्र के BLO को प्रताड़ित करके, दबाव बनाकर, धमकाकर पीडीए समाज, ख़ासतौर से अल्पसंख्यक समुदाय का वोट फर्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर काटने की साज़िश कर रहे हैं.
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आगे उन्होंने कहा, SIR में फ़ार्म 7 के दुरुपयोग को तुरंत रोका जाए और हर वोटर के मत देने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जाए. BLO से ज़बरदस्ती कर रहे अपराधियों के विरुध्द FIR लिखवाई जाए और फ़ास्ट ट्रैक सुनवाई हो. जब तक वैध व्यवस्था न बन जाए, फ़ार्म 7 का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया जाए और अब तक जो फ़ार्म 7 जमा हुए हैं, उन सबको रद्द-निरस्त किया जाए. दावा-आपत्ति की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए.
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अखिलेश यादव आगे ये भी कहा कि देश की जनता के वोट काटने के षड्यंत्र के पीछे कौन सी देश विरोधी ताक़तें सक्रिय हैं, इसकी न्यायिक जांच हो. देश के ईमानदार पत्रकार और अधिकारी सामने आएं और देश विरोधी ताक़तों से लड़ने में हमारा साथ दें. पीडीए प्रहरियों से अपील है कि वो हर वैध वोट बनाने-बचाने के कार्य में पूरी मुस्तैदी से लगे रहें. भाजपाइयों की धांधली को उनकी होने वाली हार की हताशा मानें और भाजपाइयों के घपलों के सबूत इकट्ठा करके उनके ख़िलाफ़ FIR की तैयारी करें. सच तो ये है कि जैसे-जैसे पीडीए परिवार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे भाजपाई डर रहा है.
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