लखनऊ. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा पर एसआईआर में गड़बड़ियां करने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, भाजपा चुनाव आयोग से मिलकर एसआईआर में गड़बड़ियां कर रही है. चुनाव आयोग भाजपा के सहयोगी दल की भूमिका में है. भाजपा फर्जी तरीके से दस्तखत करके पीडीए और खासकर अल्पसंख्यकों के वोट कटवाने का षड्यंत्र कर रही है. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, पीडीए प्रहरियों, यूट्यबरों और पत्रकारों के सहयोग से पूरे प्रदेश में भाजपा का फर्जीवाड़ा पकड़ा जा रहा है. फर्जीवाडे़ के खिलाफ नियम और कानून होने के बावजूद चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है. उपचुनाव के दौरान और इधर चुनाव आयोग जिस तरह से कार्य कर रहा है, उसे तो अपनी बिल्डिंग पर भाजपा का झंडा लगा लेना चाहिए.
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आगे उन्होंने कहा कि फार्म 7 से बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हो रहा है, इसलिए चुनाव आयोग फार्म 7 भरवाना बंद करे. जब चुनाव आयोग ने एसआईआर और मैपिंग के जरिए पूरी एक्सरसाईज कर ली है तो फार्म 7 लेना बंद होना चाहिए. भाजपा सरकार ने कुछ एजेंसियों को हायर किया है, वे प्रोफेसनल लोग हैं. उनके पास पूरे प्रदेश के बूथों का डेटा है. जहां-जहां समाजवादी पार्टी चुनाव जीती है उसका भी डेटा उनके पास है. भाजपा के लोग समाजवादी पार्टी के जीते बूथों पर फर्जी तरीके से फार्म 7 भरवाकर वोट कटवाना चाहते हैं. भाजपा ने एसआईआर में गड़बड़ी कर बिहार का चुनाव जीता. बिहार में दबाव बनाने, माहौल बिगाड़ने में एसआईआर की बड़ी भूमिका थी. भाजपा पश्चिम बंगाल में भी बिहार जैसा माहौल बना रही है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जी लगातार कह रही है कि चुनाव आयोग भाजपा का आयोग बन गया है. भाजपा की काली करतूतों के खिलाफ ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट में काला कोट पहनकर खड़ा होना पड़ा. यह एसआईआर नहीं एनआरसी है.
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अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा के फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए नंदलाल के साहस की तारीफ करते हुए उन्हें एक लाख रुपये देकर सम्मानित किया. सुल्तानपुर सदर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के लोगों ने नंदलाल के नाम से अन्य मतदाताओं का वोट कटवाने के लिए फार्म 7 पर फर्जी हस्ताक्षर कर कार्य फार्म जमा कराया था. हमें भाजपा का फर्जीवाड़ा पकड़ने में त्रेता और द्वापर नाम वाले दशरथ कुमार और नंदलाल से बहुत मदद मिली. नंदलाल हस्ताक्षर नहीं करते हैं, ये अंगूठा लगाते हैं. लेकिन भाजपा के लोगों ने वोट कटवाने के लिए इनके नाम का दुरुपयोग किया और इनका फर्जी हस्ताक्षर किया. भाजपा इसी तरह का फर्जीवाड़ा पूरे प्रदेश में कर रही है. उन्होंने बताया कि फर्जी हस्ताक्षर और फर्जीवाड़ा पर चुनाव आयोग का कानून है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.
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अखिलेश यादव ने कहा कि नंदलाल ने भाजपा के फर्जीवाड़े के खुलासे का साहस दिखाया. लोकतंत्र बचाने में मदद की. समाजवादी पार्टी नंद लाल को एक लाख रुपये देकर सम्मानित कर रही है. भारत निर्वाचन आयोग का नियम है कि अगर कोई व्यक्ति किसी का नाम मतदाता सूची से कटवाने के लिए झूठा प्रमाण देता है अथवा कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को लेकर आवेदन प्रस्तुत करता है तो उसके खिलाफ धारा 31 और 32 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जायेगा. हमें उम्मीद है कि इस खुलासे के बाद भाजपा सरकार मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा करने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगी.
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अखिलेश यादव ने कहा कि बीएलओ की न ट्रेनिंग हुई, न उनकी कोई मदद हुई. कई बीएलओ की मौत हो गयी, लेकिन सरकार ने उनकी कोई मदद नहीं की. बीएलओ पर गलत काम करने का दबाव डाला जा रहा है, प्रलोभन दिया जा रहा है. उसके बावजूद भी बड़ी संख्या में बीएलओ लोकतंत्र बचाने के लिए काम कर रहे हैं. भाजपा के सामने नहीं झुक रहे हैं. इस समय बीएलओ के समय अपनी नौकरी बचाने की चुनौती है, क्योंकि अगर कोई भी गलत काम होगा तो अंततः उनके खिलाफ ही कार्रवाई होगी. बड़े अधिकारी तो बीएलओ पर जिम्मेदारी डाल कर बच जाएंगे.
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