लखनऊ. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर भाजपा पर लगातार हमलावर हैं. अखिलेश यादव ने एक बार फिर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, ये ‘डील’ वो ‘डाल’ है, जिसको उस पर बैठने वाला ही काट रहा है. ये डील हमारे देश की सिर्फ़ ख़ेती-मज़दूरी ही नहीं बल्कि हर तरह के पैदावार-उत्पादन, काम-कारोबार और रोज़गार के खि़लाफ़ है. ये वो अदृष्य ज़ंजीर है, जो पैसे के लालच में डूबे बिचौलियों की मानसिकता वाले ख़ुदगर्ज़ भाजपाइयों को दिख नहीं रही है. जिन्होंने पहले हमारे लोगों को साक्षात ज़ंजीर में बांधकर भेजा था. उन्होंने अब डील का जाल फेंककर भाजपा सरकार को मजबूर कर दिया है. अब भाजपा के वो संगी-साथी कहां भूमिगत हो गए हैं, जो स्वदेशी का नारा लगाते थे. आत्मनिर्भरता की जगह भाजपाइयों को ‘परनिर्भरता’ का नारा अपना लेना चाहिए.

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आगे अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश का बाजार विदेशियों को सौंप दिया है. इससे खेती किसानी और किसानों का बड़े पैमाने पर नुकसान होगा. जब सब कुछ विदेश से आयेगा तो हमारे देश का किसान क्या उगाएगा और क्या बेचेगा? उन्होंने कहा कि किसानों को नुकसान पहुंचा कर देश में कोई सरकार नहीं चल सकती है. किसान और किसानी विरोधी भाजपा सरकार स्पष्ट करे कि विदेशियों के सामने अपने हितों का समर्पण करने की मजबूरी क्या है?

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आगे उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भूमि अधिग्रहण लाकर खेती-किसानी को हड़पने का षडयंत्र करती है, कभी काले-क़ानूनों से किसानों को मौत के मुंह में ढकेल देती है. भाजपाई सोच बिचौलियों वाली है, वो पैदावार-उत्पादन की जगह बीच में कमीशनख़ोरी से सिर्फ़ अपना पेट भरना जानती है. ‘खेती-किसानी’ के बीच ही नहीं, ‘किसानों’ के बीच भी बैठे भाजपाई बिचौलियों का भंडाफोड़ होना चाहिए. किसान कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा. भाजपा जाए तो खेतीबाड़ी बच पाए.