लखनऊ. योगी सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने घर में नशे का पेड़ लगा रखा है. सुबह जब जागते हैं तो उसकी छांव में बैठते हैं. जब उन पर इसका असर होता है तो घर से बाहर निकलकर तथ्यविहीन बातें कर प्रदेश की जनता को गुमराह करते हैं. जिन बातों से सत्य का कोई संबंध नहीं, ऐसी बातों को रखकर जनता को गुमराह करना उनका फैशन बन गया है.

सपा नेताओं की आतंकवादी मानसिकता का प्रमाण

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भाजपा के लोग राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ देश में काम कर रहे हैं. मोदी-योगी सरकार ने यह साबित किया है कि देश निर्माण में हमारी सरकारों और पार्टी ने बहुत बड़ा योगदान दिया है. सपा का राष्ट्र से कोई लेना देना नहीं है. सपा सिर्फ इस जुगाड़ में रही है कि एक धर्म विशेष के लोगों का भला और लाभ कैसे हो. उत्तर प्रदेश और देश भूला नहीं है कि किस तरह अखिलेश सरकार ने आतंकवादियों पर से मुकदमें वापस लिए थे. बाद में माननीय न्यायालय ने इन आतंकियों को आजीवन कारावास तक की सजा सुनाई. अखिलेश सरकार की यह मानसिकता देशविरोधी है. यह हरकत सपा नेताओं की आतंकवादी मानसिकता को प्रमाणित करती है.

ओछी मानसकिता के पोषक हैं सपा के लोग

उन्होंने कहा कि सपा नेताओं के मुख से राष्ट्र, मातृशक्ति, बहन-बेटियों की बात करना बेमानी है. इन्हीं के नेता ने कहा था कि लड़कों से गलती हो जाती है. सपा के लोग ओछी मानसकिता के पोषक हैं. यूपी में इनका चेहरा बार-बार बेनकाब हुआ है. जब सत्ता हाथ से चली गई है तो समाजवादी पार्टी और उसके नेता फ्रस्टेशन तक पहुंच गए हैं. सपा के नेता रोज असत्य प्रलाप कर रहे हैं.

पिछड़ों के अधिकार पर डाका डाला

राजभर ने कहा कि 2024 में थोड़ी सफलता क्या मिल गई, सपा के नेता नशे में चूर हो गए. 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव में बड़े बहुमत के साथ फिर भाजपा सरकार बनेगी, क्योंकि पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित भाजपा के साथ है. पीडीए की बात करने वाले सपाई जब-जब सरकार में आए, तब-तब पिछड़ों के हक व अधिकारों पर डाका डाला. सपा सरकार में दलित ही सर्वाधिक प्रताड़ित हुए हैं. यूपी के दलित व पिछड़ा वर्ग के लोग सपा की हकीकत जानते हैं. जब-जब यह सरकार में आते हैं, सिर्फ एक धर्म विशेष के लिए कार्य करते हैं. सपा के लोग तुष्टिकरण करते हैं. इसके अलावा इनके पास कोई काम नहीं है.

इसी जुगाड़ में रहती है सपा

कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि विकास और समाजवादी पार्टी का कभी कोई संबंध नहीं रहा है. कैसे एक जाति विशेष के लोगों को जगह और धर्म विशेष के लोगों की देशविरोधी मानसिकता को ताकत मिले, सपा सिर्फ इसी जुगाड़ में लगी रहती है. हमें सपा से कुछ नहीं सीखना है. पूरा देश जानता है कि भाजपा के लोग राष्ट्रप्रेम व ‘देश प्रथम’ के भाव के साथ ‘सबका साथ-सबका विकास’ के संकल्प को पूरा करते हुए आगे बढ़ रहे हैं.