
सुधीर सिंह राजपूत, मिर्ज़ापुर. जिले में किसान से खतौनी में नाम चढ़ाने की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने आरोपियों को रंगें हाथों गिरफ्तार कर लिया. टीम की अचानक हुई इस कार्रवाई से परिसर में हड़कंप मच गया. आरोप है कि एसडीएम सदर के पेशकार और अस्थाई कर्मचारी के माध्यम से दस हजार की डिमांड रखी गई थी. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.
पीड़ित मुख्यालय का लगा रहा था चक्कर
दरअसल, पड़री थाना क्षेत्र के देवपुरा पटखौली गांव निवासी अंकित पांडेय ने अपने दादा का नाम खतौनी में से कट जाने पर नाम वापस दर्ज कराएं जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था. इसको लेकर शिकायतकर्ता अंकित कई महीने से काश्तकार मुख्यालय का चक्कर लगा रहा था. जिससे खतौनी में नाम दर्ज कराएं जाने के एवज में पैसों की डिमांड की गई थी.
पैसों की डिमांड
आरोप है कि एसडीएम सदर के पेशकार राजेन्द्र चौरसिया ने अस्थाई कर्मचारी कुलदीप के माध्यम से दस हजार की डिमांड रखी थी. कुलदीप से जब दस हजार में बात तय हो गई तो पहली क़िस्त के रुप में तीन हजार मंगलवार को देने की बात हुई थी. जिसे देने के लिए अंकित आज एसडीएम सदर के कार्यालय पहुंचा था.
जाल बिछाये बैठी एंटी करप्शन टीम
इधर पहले से ही जाल बिछाये हुए एंटी करप्शन की टीम बैठी हुई थी, विंध्याचल मंडल के प्रभारी विनय कुमार ने अपनी टीम के साथ रिश्वत की रकम लेते ही रंगें हाथों पेशकार राजेन्द्र और कुलदीप गौड़ को गिरफ्तार कर लिया. जहां से दोनों को गिरफ्तार कर वाहन में बैठाकर शहर कोतवाली लाया गया. साथ ही, उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की FIR दर्ज की गई. फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.
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