अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली। जिले में जल जीवन मिशन योजना में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अधिशासी अभियंता (एक्सियन) अमित राजपूत को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई योजनाओं के धीमे क्रियान्वयन, अधूरे कार्यों और जनसमस्याओं की अनदेखी के कारण की गई है।
धीमी प्रगति को शासन ने गंभीरता से लिया
जानकारी के अनुसार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (डीडीयू नगर) क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत कुल 229 योजनाएं चल रही हैं। इनमें से अब तक केवल 55 योजनाएं ही पूरी हो पाई हैं, जबकि 157 योजनाएं अधूरी हैं। इन अधूरी योजनाओं में भी मात्र 82 पानी के टैंक ही चालू स्थिति में हैं। इस धीमी प्रगति को शासन ने गंभीरता से लिया है।
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जांच में यह भी पाया गया कि कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं की गई, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है। इसके अतिरिक्त, शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, निगरानी का अभाव और संविदा कर्मियों के वेतन भुगतान में देरी जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं। सूत्रों के अनुसार, इस मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी गोरखपुर के मुख्य अभियंता को सौंपी गई है।
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समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्ल्यू’ ने इस मुद्दे को लगातार उठाया था और हाल ही में प्रदर्शन भी किया था। उनके प्रयासों से शासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा। मनोज सिंह ‘डब्ल्यू’ ने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने जोर दिया कि जनता को मूलभूत सुविधाएं देना सरकार की जिम्मेदारी है और वे इन मुद्दों को आगे भी मजबूती से उठाते रहेंगे। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य परियोजनाओं की समीक्षा भी तेज कर दी गई है।
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