प्रयागराज. योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति फेल है, लेकिन दावे करने में सीएम योगी कोई कसर नहीं छोड़ते. अगर सीएम योगी के दावे में इतनी ही सच्चाई होती तो प्रदेश में हर रोज बेटियों के साथ रेप नहीं होते. उसके बाद भी बेहतर कानून व्यवस्था का सगूफा छोड़ने में सीएम योगी मस्त हैं. हर रोज योगी सरकार के दावों की धज्जियां उड़ रही है. उसके बाद भी योगी सरकार अपने झूठे दावों के सपने खोई हुई है. योगी सरकार को सपने से बाहर निकलकर हकीकत देखने की जरूरत है, जो भयावह है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है. जहां 4 साल की बच्ची के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया है.

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बता दें कि पूरा मामला बहरिया इलाके का है. जहां दरिंदे ने चॉकलेट देने के बहाने बच्ची को खेत में ले गया और बच्ची के साथ रेप किया. जब परिजनों ने इसका विरोध किया तो दबंगों ने बच्ची के पिता के साथ मारपीट की. वहीं बच्ची को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बच्ची के परिजनों के शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है.

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योगी सरकार की खुली पोल

मामले ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. जिसे लेकर लोगों में शासन-प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है, जो कि लाजमी भी है. मामला न सिर्फ योगी सरकार की पोल खोलती है, बल्कि सुस्त सिस्टम पर भी बड़ा प्रश्न खड़ा करती है. उसके बावजूद योगी सरकार अपराध पर लगाम लगाने की बजाय कागजों में बेहतर कानून व्यवस्था का सपना दिखाने में मस्त है. सरकार और सिस्टम में बैठे लोगों को कागजों दावों को देखकर अपनी पीठ थपथपाने की बजाय जमीनी हकीकत देखने की जरूरत है. इससे न सिर्फ सुशासन सरकार के ‘कुशासन’ का सबूत मिलेगा, बल्कि बढ़ते क्राइम पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी.