रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. ऊंचाहार क्षेत्र के अरखा में स्थित NTPC परियोजना के खिलाफ मजदूरों के शोषण और बढ़ते प्रदूषण को लेकर जन आक्रोश सामने आया. इन मुद्दों को लेकर एक जन कन्वेंशन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, किसानों और मजदूरों ने भाग लिया. इस दौरान किसानों और मजदूरों ने कई गंभीर आरोप लगाए.

अखिल भारतीय किसान महासभा के जिलाध्यक्ष फूल चंद्र मौर्या ने कहा कि जिस जमीन पर कभी लहलहाते खेत हुआ करते थे, आज वहीं खड़ा पावर प्लांट लोगों के जीवन के लिए संकट बन गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ मजदूरों की मेहनत की कमाई का हिस्सा जबरन वापस लिया जा रहा है तो दूसरी ओर वायु प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित हो रहा है. उन्होंने इसके खिलाफ बड़े जन आंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया.

इसे भी पढ़ें- ऐसे अधिकारी नहीं चाहिए, जो घूसखोरी से…BJP विधायक अशोक कोरी का फूटा गुस्सा, जानिए आखिर ऐसा क्या हो गया

वहीं विजय विद्रोही (ऐक्टू प्रदेश अध्यक्ष) ने कहा कि मजदूरों की अर्जित मजदूरी का आधा हिस्सा डराकर छीन लेना एक गंभीर आपराधिक कृत्य है. यह प्रथा लंबे समय से जारी है और इसमें ठेकेदारों व प्रबंधन की मिलीभगत का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस “लूट” को कई स्तरों पर संरक्षण प्राप्त है, लेकिन इसके खिलाफ आंदोलन को हर स्तर पर तेज किया जाएगा.

उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ मजदूरों का मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी, बच्चों की शिक्षा और इलाज जुड़ा हुआ है. साथ ही क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक हो चुका है, जिससे लोगों को सांस लेने और सामान्य जीवन जीने में कठिनाई हो रही है.

इसे भी पढ़ें- भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता… अखिलेश यादव ने सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिया मैसेज, BJP को लेकर दिया बड़ा बयान

वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एनटीपीसी ने स्थापना के समय किए गए वादों जैसे मुफ्त बिजली, स्थानीय लोगों को रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वच्छ पेयजल को पूरा नहीं किया. इसके विपरीत, क्षेत्र के लोगों को प्रदूषण और राख जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. कन्वेंशन के अंत में वक्ताओं ने घोषणा की कि यह कार्यक्रम एक बड़े जन अभियान की शुरुआत है, जिसके तहत पूरे क्षेत्र में जनजागरण और विरोध प्रदर्शन चलाया जाएगा.