विक्रम मिश्र, लखनऊ. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग (Uttar Pradesh State Regulatory Commission) ने निर्देश जारी कर पावर कारपोरेशन से पुराने और वर्तमान में लग रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटर (Prepaid Smart Meter) की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. ये रिपोर्ट यूपी राज्य उपभोगता परिषद की याचिका के बाद मांगी गई है.

नियामक आयोग ने कारपोरेशन से पूछा है कि आयोग के तहत बनाए गए कानून के तहत स्मार्ट मीटर (Smart Meter) रिमोटली कनेक्ट और डिस्कनेक्ट होना चाहिए. फिर भी मैनुअली काम करने की शिकायतें कैसे आ रही है? जो मीटर RDSS योजना के तहत लगाए जा रहे हैं. बिलिंग आरएमएस पोर्टल से इंटीग्रेटेड होने में दिक्कतें क्यों आ रही है? आयोग द्वारा बनाए गए कानून के अनुसार बिजली बकाया के भुगतान पर 2 घंटे के भीतर ही बिजली कनेक्शन जुड़ जाना चाहिए, लेकिन कई घंटों तक ये नहीं जुड़ पा रहा ऐसी शिकायते मिल रही है.

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हर महीने विद्युत आयात रिपोर्ट की मांग

विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया है कि एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड के तहत लगाए गए मीटर और RDSS योजना के तहत लगाए गए मीटर के मानकों पर अब विद्युत नियामक आयोग हर महीने विद्युत आयात की रिपोर्ट की मांग किया है. प्रदेश में सभी बिजली कंपनियों में पुराने 2जी और 3जी तकनीकी से लगाए गए पुराने 12 लाख मीटर और RDSS योजना के तहत लगाए जा रहे 27 हजार करोड़ मीटरों के मामले को पर प्रतिवेदन की मांग की गई है.