लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को निरस्त करने का आदेश दे दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा फैसला लिया। परीक्षा रद्द करते हुए कहा गया है कि अब नई परीक्षा पूर्णतः निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराई जाएगी।

फिर से आयोजित होगी परीक्षा

जांच में परीक्षा से जुड़े धांधली, सॉल्वर गैंग और अवैध धन वसूली के गंभीर आरोप सामने आए थे। STF ने इस मामले में महबूब अली, वैभव पाल और विशाल पाल को गिरफ्तार किया है। मोबाइल डेटा विश्लेषण में परीक्षा की शुचिता भंग होने के स्पष्ट संकेत मिले। अब यह परीक्षा को फिर से आयोजित की जाएगी।

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एसटीएफ ने इस मामले में लखनऊ में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। जांच की निष्पक्षता को सुनिश्चित रखने के लिए तत्कालीन आयोग की अध्यक्ष से त्यागपत्र लिया गया। एसटीएफ ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी महबूब अली ने स्वीकार किया कि उसके द्वारा मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान ही विभिन्न विषयों के प्रश्न पत्र निकाल लिए गए थे। जिसे उसने कई अभ्यर्थियों को विभिन्न माध्यमों से धन लेकर उपलब्ध कराया।