पंचायती चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया 4 अक्टूबर को समाप्त हो गई. 5 अक्टूबर को नामांकन की जांच की जाएगी. नामांकन के आखिरी दिन कई जगहों से ऐसी घटनाएं सामने आईं, जहां पंचायती चुनावों के इच्छुक उम्मीदवारों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
लुधियाना में नामांकन भरने आए उम्मीदवारों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) और चूल्हा टैक्स के नाम पर परेशान किया जा रहा है. स्थानीय BDPO कार्यालय के बाहर जमा लोगों ने कहा कि उन्हें लंबी कतारों में खड़ा होने के लिए कहा गया, जबकि समय सीमित था.
अधिकारियों ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, अधिकारियों ने कहा कि एनओसी की शर्त हटा दी गई है, अब किसी को कोई परेशानी नहीं हो रही है. उन्होंने बताया कि सिर्फ उन लोगों के दस्तावेज़ मांगे जा रहे हैं जो पहले सरपंच रह चुके हैं, और एनओसी की आवश्यकता उन्हीं के लिए है. बाकी लोगों को कोई भी दिक्कत या परेशानी नहीं हो रही है.
दस्तावेज़ छीनकर ले गए
लुधियाना में सरपंच पद के लिए नामांकन भरने आए एक व्यक्ति के दस्तावेज़ विरोधी दल के युवकों ने छीन लिए और फरार हो गए, जिससे वहां काफी हंगामा हुआ. इसके बाद मौके पर भाजपा के जिला अध्यक्ष और कांग्रेस के पूर्व विधायक भी पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया कि जो हालात बने हैं, उससे हमें आशंका है कि 15 अक्टूबर को मतदान के दिन भी इसी तरह की गड़बड़ी हो सकती है.

मजीठिया ने भी उठाए सवाल
मजीठा में भी प्रशासन द्वारा नामांकन भरने आए लोगों को कतार में खड़ा किया गया ताकि किसी को कोई परेशानी न हो. शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवार कतारों में लगे हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के लोग खिड़कियों से जा रहे हैं.
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