नई दिल्ली | UPSC के नए नियमों के अनुसार, अब वे उम्मीदवार जो पहले से ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) या भारतीय विदेश सेवा (IFS) में कार्यरत हैं, वे 2026 की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे. यदि किसी उम्मीदवार का चयन मुख्य परीक्षा (Mains) से पहले इन सेवाओं में हो जाता है, तो उन्हें मेन्स देने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

वहीं अगर कोई उम्मीदवार पहले से ही भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में है, तो वह दोबारा IPS का विकल्प नहीं चुन सकता. यानी वे केवल अपनी रैंक सुधारकर IAS या IFS बनने के लिए ही परीक्षा दे पाएंगे.

ग्रुप ‘A’ सेवाओं के लिए ‘ट्रेनिंग’ का नया पेंच

ग्रुप ‘A’ सेवा में चयनित उम्मीदवारों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं. यदि कोई उम्मीदवार 2026 में चयनित होने के बाद फिर से परीक्षा देना चाहता है, तो उसे संबंधित विभाग से ‘ट्रेनिंग से छूट’ लेनी होगी. यदि वे बिना अनुमति ट्रेनिंग छोड़ते हैं या शामिल नहीं होते, तो उनका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा.

फर्जीवाड़े पर नकेल

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए UPSC ने अब डिजिटल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है.

  1. फेशियल रिकॉग्निशन: परीक्षा केंद्रों पर AI-आधारित चेहरा पहचानने वाली तकनीक का उपयोग होगा.
  2. आधार लिंक पोर्टल: उम्मीदवारों को एक नए ‘चार-चरणों वाले पोर्टल’ पर पंजीकरण करना होगा, जो सीधे उनके आधार कार्ड से जुड़ा होगा.
  3. बायोमेट्रिक: आधार के जरिए वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है ताकि ‘सब्स्टीट्यूट’ (दूसरे के बदले परीक्षा देना) के मामलों को रोका जा सके.

बचे हुए अटेम्पट्स के लिए अंतिम अवसर

आयोग ने उन उम्मीदवारों को थोड़ी राहत दी है जो 2025 या उससे पहले किसी सेवा में शामिल हो चुके हैं. उन्हें बिना इस्तीफा दिए अपने बचे हुए प्रयासों (Attempts) का उपयोग करने के लिए 2026 या 2027 में एक अंतिम अवसर दिया गया है.

शैक्षणिक योग्यता (Eligibility)

  • IAS के लिए: भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक (Bachelor Degree).
  • IFS के लिए: उम्मीदवार के पास बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी या एग्रीकल्चर जैसे विशिष्ट विषयों में डिग्री होना अनिवार्य है.