US Stock Market Crash: US स्टॉक मार्केट में तेज गिरावट देखी गई। US और इज़राइली विमानों ने ईरानी ठिकानों पर बार-बार हवाई हमले किए, जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई। बाज़ार को डर है कि यह टकराव लंबा खिंच सकता है और पूरे इलाके को अस्थिर कर सकता है।
जैसे ही पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, वॉल स्ट्रीट पर बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू हो गई। निवेशकों ने जोखिम भरे एसेट्स से फंड को सुरक्षित ऑप्शन में शिफ्ट करना शुरू कर दिया।
बड़े इंडेक्स कितने गिरे?
शुरुआती ट्रेडिंग में S&P 500 में लगभग 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज और नैस्डैक कंपोजिट में लगभग 1.8 प्रतिशत की गिरावट आई।
भारतीय समय के अनुसार रात 8:53 बजे तक, डॉव जोन्स 1,247 पॉइंट्स या 2.50 प्रतिशत नीचे था। S&P 500 में लगभग 165 पॉइंट्स या 2.41 प्रतिशत की गिरावट आई थी। नैस्डैक में 575 पॉइंट्स या लगभग 2.52 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई।
यह गिरावट दिखाती है कि मार्केट इस डेवलपमेंट को सीरियसली ले रहा है और अनसर्टेनिटी से बचना चाहता है।
तेल की कीमतों में उछाल, महंगाई की चिंता
तेल की कीमतों में 8.5 परसेंट से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। ट्रेडर्स का अनुमान है कि वेस्ट एशिया के लिए खास समुद्री रास्तों पर सप्लाई में रुकावट आ सकती है।
तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है, और इन्वेस्टर्स को डर है कि मौजूदा महंगाई का दबाव बढ़ सकता है।
सोना और चांदी भी गिरे
सोने को आमतौर पर टेंशन के समय में एक सेफ इन्वेस्टमेंट माना जाता है। हालांकि, लगातार चार सेशन की बढ़त के बाद, सोना 3 परसेंट से ज्यादा गिर गया। मार्केट की रिस्क लेने की क्षमता में अचानक बदलाव से प्रॉफिट-बुकिंग हुई, जबकि चांदी 10 परसेंट तक गिर गई।
ट्रंप के बयान से चिंता बढ़ी
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने स्थिति को और बिगाड़ दिया जब उन्होंने ग्राउंड ट्रूप्स की तैनाती की संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने इशारा किया कि यह लड़ाई कई हफ्ते या उससे ज़्यादा समय तक चल सकती है।
उन्होंने कहा कि US के पास लंबे समय तक अपनी कार्रवाई जारी रखने की कैपेसिटी है। इस बयान ने US के इन्वॉल्वमेंट के और गहरा होने की चिंता जताई।
आगे क्या होगा?
ईरान पहले ही तेल के इंफ्रास्ट्रक्चर और इलाके के ठिकानों पर हमला कर चुका है। मार्केट अब ईरान के अगले कदम पर करीब से नज़र रख रहे हैं।
कम से कम नौ देशों ने इस बढ़ते झगड़े का असर महसूस किया है। आने वाले दिनों में ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ने की उम्मीद है। इन्वेस्टर्स के लिए यह सावधान रहने का समय है।
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