US Student Visa Policy: अमेरिका ने स्टूडेंट वीजा नियम सख्त कर दिए हैं. इसका असर अब सिर्फ विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एजुकेशन लोन सेक्टर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशों में पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसों में तेजी से गिरावट आई है. इसी वजह से एजुकेशन लोन देने वाली कंपनियों को बड़ा झटका लगा है. अमेरिका के इस फैसले से एजुकेशन लोन सेक्टर में एक बार फिर सुस्ती देखने को मिल रही है.
Also Read This: निवेश का बड़ा मौका, अगले हफ्ते 4 नई कंपनियां करेंगी बाजार में एंट्री

Also Read This: आज सोने-चांदी की कीमतों में तेजी, खरीदारी से पहले जान लें अपने शहर का ताजा रेट
कई छात्र अब अमेरिका जाने का मन बदल रहे हैं. पहले छात्र अमेरिका की अच्छी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करना चाहते थे, लेकिन सख्त वीजा नियमों के कारण अब वे दूसरे देशों की ओर रुख कर रहे हैं.
छात्रों का कहना है कि आने वाले एक-दो साल तक अमेरिका में पढ़ाई करना आसान नहीं होगा. ऐसे में हजारों छात्र अब UK, जर्मनी, फ्रांस और यूरोप के अन्य देशों को स्टडी अब्रॉड के विकल्प के तौर पर देख रहे हैं.
Also Read This: अचानक दोपहर 1 बजे पलटी IndiaMART स्टॉक की किस्मत, 9 प्रतिशत चढ़ा शेयर, जानिए कैसे पलट गई बाजी
वीजा सख्ती का सीधा असर एजुकेशन लोन मार्केट पर पड़ा है. अगस्त से शुरू होने वाले फॉल एडमिशन सीजन में विदेश पढ़ाई के लिए भेजे गए पैसों में करीब 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
यह रकम 416 मिलियन डॉलर से घटकर 319 मिलियन डॉलर रह गई है. वहीं, जनवरी से शुरू होने वाले स्प्रिंग एडमिशन सीजन में भी करीब 18 फीसदी की कमी आई है. इस दौरान भेजी गई रकम 449 मिलियन डॉलर से घटकर 368 मिलियन डॉलर पर आ गई.
Also Read This: इंफोसिस शेयर में जबरदस्त उछाल: तिमाही नतीजों के बाद तेज रफ्तार, US मार्केट के बाद भारत में भी दिखा असर
इन आंकड़ों में छात्रों की ट्यूशन फीस के साथ रहने और खाने का खर्च भी शामिल है. एजुकेशन लोन देने वाली कंपनियों और NBFCs का कहना है कि साल 2025 में विदेशी पढ़ाई के लिए दिए जाने वाले लोन में 30 से 50 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है. इसका मतलब है कि बैंकिंग और लोन कारोबार भी धीमा पड़ रहा है.
ज्ञानधन के CEO और को-फाउंडर अंकित मेहरा के मुताबिक, अमेरिका से जुड़े एजुकेशन लोन में करीब 60 फीसदी तक की गिरावट आई है. अमेरिका में वीजा को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण आने वाले फॉल सीजन में हालात और खराब हो सकते हैं.
Also Read This: E-commerce कंपनियों पर CCPA की सख्ती: अमेजन-फ्लिपकार्ट समेत 8 कंपनियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप, ₹44 लाख का लगा जुर्माना
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें


