Uttarakhand Budget Session 2026: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का आज चौथा दिन है। सीएम धामी ने सदन में सत्र की अवधि बढ़ाए जाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को सभी मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। विपक्ष के एक-एक बात का जवाब देंगे। विपक्षी जितनी चर्चा चाहता है हम करेंगे। पक्ष और विपक्ष के बीच नियमों के तहत सदन चलाने के मसले पर तीखी बहस जारी है।

गैस संकट के मुद्दे पर हो सकता है हंगामा

गैस संकट के मुद्दे को लेकर सदन में विपक्ष हंगामा कर सकता है। कांग्रेस ने मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। सदन में प्रश्न काल चल रहा है। संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रदेश में 500 स्थान पर भूकंप चेतावनी प्रणाली को स्थापित किया जाएगा। 169 स्थान पर लगाए जा चुके हैं। 115 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

READ MORE: LPG सप्लाई को लेकर बन रही स्थिति के बीच सीएस ने ली बैठक, कहा- प्रदेश में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक

उत्तराखण्ड समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखण्ड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

READ MORE: गैरसैंण, बाडाहाट-उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ को स्मार्ट सिटी बनाने की तैयारी में सरकार, अवस्थापना विकास के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगा फैसला

आंदोलनकारियों को किया नमन

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत देवभूमि के देवी-देवताओं, देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों और उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले आंदोलनकारियों के त्याग और संघर्ष के कारण ही आज उत्तराखण्ड विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

READ MORE: खेल सुविधाओं के विस्तार में जुटी धामी सरकार, प्रदेश के हर ब्लॉक में होगा मिनी स्टेडियम का निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए गैरसैंण केवल भौगोलिक स्थान नहीं बल्कि ये पहाड़ की आकांक्षाओं, उम्मीदों और स्वाभिमान का प्रतीक है। गैरसैंण उस संकल्प का प्रतीक है जिसके लिए उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आंदोलन चला था। इसलिए सरकार ने अपने कार्यकाल में न केवल गैरसैंण को अपने हृदय में बसाए रखा, बल्कि ये भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि हमारी सरकार की प्रत्येक रीति और नीति में गैरसैंण की छाप हो।