देहरादून. वक्फ संसोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा में पास हो चुका है. जिसके बाद से तमाम राजनीतिक दल इसका विरोध कर रही है, जबकि भाजपा इसे एक अच्छा कदम बता रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं? उत्तराखंड में आखिर वक्फ बोर्ड की कितनी संपत्तियां हैं? अगर नहीं तो आज हम आपको इसके बारे बताने वाले हैं.

सूबे के 13 जिलों में वक्फ बोर्ड की कुल 5362 संपत्तियां हैं. जिसमें कृषि भूमि, दुकानें, भवन और प्लॉट जैसे विभिन्न प्रकार की संपत्तियां शामिल हैं. जिसकी देखरेख की जिम्मेदारी उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की है. लेकिन कुछ समय से इनमें कुछ संपत्तियों पर कब्जा और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं.

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जानकारी के मुताबिक, हरिद्वार में सबसे अधिक संपत्तियां है. 1926 के आकड़े के साथ हरिद्वार पहले नंबर पर आता है. जबकि 1715 के आंकड़े के साथ राजधानी देहरादून दूसरे नंबर पर आता है. ऊधमसिंह नगर में 939, नैनीताल में 452, पौड़ी गढ़वाल में 128, चंपावत में 60, अल्मोड़ा में 94, टिहरी में 17, बागेश्वर में 13, पिथौरागढ़ में 12, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में केवल 2-2 संपत्तियां ही दर्ज हैं.

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वैसे तो वर्तमान में वक्फ की कुछ संपत्तियां किराये पर है, जबकि कुछ अतिक्रमण की चपेट में है. लेकिन वक्फ बोर्ड ने संपत्तियों के निरीक्षण और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण, कम किराए, फर्जी लीज और गैरकानूनी कब्जों की जांच कर सभी जिलों के वक्फ अधिकारी रिपोर्ट पेश करें.