देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि भाजपा लाखों वन ग्रामवासियों के जीवन के साथ खेल रही है। यशपाल आर्य ने कहा कि बीजेपी सरकार की वन अधिकार अधिनियम की उपेक्षा से लाखों वन ग्रामवासियों परिवार अपनी पारंपरिक ज़मीन से बेदखली के कगार पर हैं।
कोर्ट ने बेदखली पर लगाई थी रोक
यशपाल आर्य ने बताया कि 2006 में कांग्रेस ने ऐतिहासिक अन्याय को दूर करने को उनके जल, जंगल और ज़मीन पर अधिकार सुनिश्चित करने के लिए वन अधिकार अधिनियम (FRA) लागू किया था। लेकिन केंद्र सरकार की निष्क्रियता के चलते, इस कानून के तहत किए गए लाखों वास्तविक दावे बिना किसी समीक्षा के मनमाने ढंग से खारिज कर दिए गए। साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे सभी लोगों को उनकी ज़मीन से बेदखल करने का आदेश दिया जिनके दावे खारिज हो चुके थे, जिससे देशभर में भारी विरोध हुआ। इसके जवाब में कोर्ट ने बेदखली पर रोक लगाई और खारिज दावों की गहन समीक्षा का निर्देश दिया।
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आर्य बोले- बीजेपी सरकार लापता हैं
यशपाल आर्य ने कहा कि अब कल सुप्रीम कोर्ट में फिर से इस मामले की सुनवाई है और एक बार फिर, बीजेपी सरकार लापता है। 2019 में भी वह इस कानून का बचाव नहीं कर सकी थी और आज भी अधिकारों के पक्ष में खड़ी नहीं दिख रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि लाखों लंबित और खारिज दावों की समीक्षा या पुनर्विचार के लिए अब तक कोई गंभीर प्रयास नहीं हुआ है। अगर बीजेपी सरकार सच में वन ग्रामवासियों के अधिकारों की रक्षा करना चाहती है और लाखों परिवारों को बेदखली से बचाना चाहती है, तो उसे तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और अदालत में वन अधिकार अधिनियम का मजबूती से बचाव करना चाहिए।
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