बगहा / परवेज आलम की रिपोर्ट… बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व (valmiki tiger reserve fire) जंगल में भीषण आग लगने से जीव जंतुओं में अफरा तफ़री मची है। वहीं आग लगने से करीब 6 एकड़ जंगल जलकर (valmiki tiger reserve fire bihar)राख हो गया है लिहाजा लाखों की वन संपादओं का नुकसान पहुंचा है। हालांकि सूचना पर पहुंची वन की टीमों ने कड़ी मशक्क़त क़र आग पर काबू पा लिया है लेकिन (bihar valmiki tiger reserve fire)राष्ट्रीय धरोहर में लगातार अगजनी की बढ़ रही घटनाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहें हैं। असामाजिक तत्वों द्वारा जंगल में आग लगाने की आशंका जताई गईं है।

वन प्रशासन की बेचैनी बढ़ गईं…


दरअसल वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (bihar valmiki tiger reserve fire VTR ) के वन प्रमंडल 2 अंतर्गत मदनपुर, वाल्मीकिनगर और गोनौली रेंज में मौसम बदलते व गर्मी की शुरुआत होते ही वन प्रशासन की बेचैनी बढ़ गईं है,क्योंकि गर्मी की तपिश और तेज पछुआ हवाओं के कारण जंगल में लगातार आग लगने की घटना हो रही है। जिससे वन संपदाओं को भारी नुकसान तो पहुंचता ही रहा है साथ ही साथ वन्य जीवों के अधिवास भी आग में जल जाने से जीव जंन्तु जंगल से भटककर रिहायशी इलाकों की ओर अपना रुख अपनाने लगे हैं।

6 एकड़ तक फैल गई आग


बताया जा रहा है की शुक्रवार को VTR के वाल्मीकिनगर औऱ गोनौली रेंज में अचानक आग लगने के कारण इन दो अलग -अलग वन क्षेत्रों में लगभग 6 एकड़ जंगल जिसमें पेड़ पौधे, झाड़ियां, बेंत सहित कीड़े मकोड़ें जलकर खाक हो गए हैं। वन विभाग के कक्ष संख्या टी 2 जो जटाशंकर वन क्षेत्र से सटा हुआ ऊपरी शिविर है यहां अचानक आग लग गई ,जिसके कारण लगभग 5 एकड़ जंगल में लगे झाड़ियां सहित छोटे बड़े बेशकीमती पेड़ पौधे जल गए ।

आग पर काबू पा लिया


वहीं दरुआबारी गांव के समीप से संतपुर गांव के बीच दोन सेवा पथ के बगल की झाड़ियों में आग लग गई। जिससे लगभग दो एकड़ जंगल की जल गए हैं। उधर चम्पापुर गोनौली में भी आग लगने से भगदड़ जैसे हालात बन गए हालांकि दोनों वन क्षेत्रों में देर शाम तक फायर वॉचर औऱ वन कर्मियों की टीमों ने आग पर काबू पा लिया है।

आग लगने का कारण अज्ञात


इस मामले में जानकारी देते हुए रेंजर श्रीनिवासन नवीन ने बताया कि अज्ञात कारणों से इन दोनों जगहों पर आग लग गई थी। जिसे वन कर्मियों और फायर वाचरों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाने में कामयाबी हासिल क़र लिया है। लेकिन आशंका यह भी जताई जा रही है की असमाजिक तत्वों या चारवाहों ने जंगल में आग लगाई है लिहाजा आग लगने के कारणों का पता क़र वन विभाग प्रशासन आगे की कार्रवाई में जुटा है।