परवेज आलम/बगहा। नए साल के पहले ही दिन बिहार के एकमात्र वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के गोवर्धना जंगल में सफारी के दौरान सैलानियों को बाघ, भालू, तेंदुआ, मोर, हिरण और जंगली मुर्गा समेत कई दुर्लभ वन्यजीवों का नजदीक से दीदार हुआ। दो दिनों से पिकनिक स्पॉट बने वाल्मीकिनगर पहुंच रहे हजारों पर्यटक इस रोमांचक अनुभव से उत्साहित दिखाई दिए। प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण के कारण सैलानी यहाँ को बिहार का कश्मीर कहकर पुकार रहे हैं।
इंडो-नेपाल बॉर्डर पर बसा प्रकृति का अद्भुत संसार
पश्चिम चंपारण स्थित इंडो-नेपाल सीमा पर बसे वाल्मीकिनगर का हरियाली से घिरा इलाका घने सदाबहार जंगलों, नदी घाटों और पहाड़ी दृश्यों के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र है। गंडक और जंगल सफारी का सस्ता व सहज विकल्प यहां के पर्यटन को और लोकप्रिय बना रहा है। नए वर्ष के अवसर पर लाखों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचे हैं।
धार्मिक स्थलों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
जंगल के बीच बसे मदनपुर देवी स्थान, नर देवी मंदिर, वन देवी मंदिर, जटाशंकर धाम, कैलाश्वर महादेव मंदिर, वाल्मीकि आश्रम, लव-कुश घाट और माता जानकी पाताल स्थल धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र हैं, जहां श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ रही है।
बेहतर ठहराव और सफारी सुविधाएं
नारायणी नदी के किनारे सरकारी व निजी लॉज, फॉरेस्ट गेस्ट हाउस और पर्यटन आवासों में बेहतर व्यवस्था की गई है। नदी सफारी और जंगल सफारी यहां आने वालों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है। रमणीय प्राकृतिक दृश्यों और रोमांचक अनुभवों के कारण पर्यटक हर साल यहां लौटने का वादा करते नजर आते हैं।
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