सोहराब आलम, मोतिहारी। जिले के तुरकौलिया प्रखंड स्थित उत्क्रमित विद्यालय नरियरवा से एक बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जहां बच्चों के भविष्य से जुड़े संस्थान में ही कथित तौर पर खुलेआम रिश्वतखोरी का खेल चल रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विद्यालय के प्रधानाध्यापक (एचएम) एक अभिभावक से टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) देने के नाम पर पैसे लेते नजर आ रहे हैं।

टीसी के लिए वसूल रहे 500 रुपए

बताया जा रहा है कि टीसी के लिए 300 से 500 रुपए तक वसूले जा रहे हैं, जबकि जन्मतिथि सुधार जैसे कार्यों के लिए 500 से 700 रुपये तक की मांग की जा रही है। वीडियो में साफ दिखता है कि अभिभावक पैसे देता है और एचएम उसे कागज में मोड़कर रख लेते हैं। यह दृश्य शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से यह मामला तूल पकड़ रहा है, उसने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

सोशल मीडिया पर लोग तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। किसी ने इसे “शिक्षा के मंदिर का अपमान” बताया, तो किसी ने कहा कि “जब स्कूल ही भ्रष्टाचार सिखाएगा, तो आने वाली पीढ़ी क्या सीखेगी?” अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर आरोप पर संज्ञान लेंगे, या फिर बच्चों के भविष्य के साथ यह खेल यूं ही चलता रहेगा? फिलहाल, स्थानीय लोग और अभिभावक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

जहानाबाद में लकड़िया तोड़ते नजर आए थे बच्चे

बता दें कि हालही में जहानाबाद के मोदनगंज प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ थ, जिसमें छोटे-छोटे बच्चे स्कूल परिसर में मिड-डे मील के लिए लकड़ियां तोड़ते हुए नजर आ रहे थे। यह मामला तब और गंभीर हो गया, जब स्कूल के ही कुछ शिक्षकों ने प्रधानाध्यापक पंकज कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए। शिक्षकों का कहना है कि, प्रधानाध्यापक स्कूल में बच्चों से ऐसे ही काम करवाते हैं। जब वे इस तरह के कामों का विरोध करते हैं, तो उनपर भी दबाव बनाया जाता है। इस संबंध में शिक्षकों ने विभाग को लिखित शिकायत पत्र सौंपते हुए मामले के जांच की मांग की है।

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