आशुतोष तिवारी, जगदलपुर। बस्तर में खेल भावना पर सवाल खड़े करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां हेरिटेज मैराथन में जीत की दौड़ अब विवाद की दौड़ बन गई है। आरोप है कि कुछ प्रतिभागियों ने पसीने की जगह ‘पहियों’ का सहारा लेकर फिनिश लाइन पार की और जब शिकायत हुई, तो सच कैमरों में कैद मिल गया।

दरअसल, बस्तर संभाग मुख्यालय में आयोजित हेरिटेज मैराथन अब निष्पक्षता के बजाय फर्जीवाड़े के लिए चर्चा में है 42 किलोमीटर की इस कठिन दौड़ में जहां धावक अपनी ताकत और हौसले से मंजिल तक पहुंचे। वहीं कुछ ने नियमों को दरकिनार कर शॉर्टकट अपनाया लोहंडीगुड़ा की प्रतिभागी प्रमिला मंडावी ने बड़ा आरोप लगाते हुए दावा किया कि दूसरे और तीसरे स्थान पर रही नेहा और कौशल्या नेताम ने दौड़ के दौरान वाहन का इस्तेमाल किया।

शिकायत के बाद जब प्रशासन ने जांच शुरू की, तो CCTV फुटेज ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। तस्वीरों में साफ दिखा कि ये दोनों प्रतिभागी कुछ दूरी तक सूमो वाहन में सफर करती नजर आईं और फिनिश लाइन से पहले उतरकर दोबारा दौड़ में शामिल हो गईं। यानी जीत की रफ्तार ‘दौड़’ से नहीं, ‘गाड़ी’ से तय की गई जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को विजेताओं की सूची से बाहर कर दिया और टॉप-10 की संशोधित सूची जारी करनी पड़ी।

22 मार्च को आयोजित इस मैराथन में हजारों धावकों ने ईमानदारी से हिस्सा लिया था, लेकिन कुछ प्रतिभागियों की इस हरकत ने पूरे आयोजन की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

देखें वीडियो