Vijay Hazare Trophy 2025-26: विदर्भ क्रिकेट टीम ने भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया है। 2025-26 सीजन के हाई-स्कोरिंग फ़ाइनल मुकाबले में विदर्भ ने सौराष्ट्र को 38 रन से हराकर न केवल खिताब जीता, बल्कि पिछले सीजन की फ़ाइनल हार का भी हिसाब बराबर कर लिया। अथर्व तायडे के शानदार शतक और तेज़ गेंदबाजों की अनुशासित गेंदबाजी विदर्भ की इस ऐतिहासिक जीत की आधारशिला बने।
तायडे के शतक से मजबूत हुई विदर्भ की पारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी विदर्भ की टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 317 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम को इस बड़े स्कोर तक पहुँचाने में युवा सलामी बल्लेबाज़ अथर्व तायडे की अहम भूमिका रही, जिन्होंने दबाव के माहौल में शानदार 128 रन की पारी खेली। यह उनके लिस्ट-ए करियर का तीसरा शतक रहा।
तायडे को शुरुआत में अमन मोखाडे का अच्छा साथ मिला। दोनों ने पहले विकेट के लिए 80 रन जोड़कर टीम को सधी हुई शुरुआत दिलाई। मोखाडे 33 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद नंबर तीन पर आए यश राठौड़ ने एंकर की भूमिका निभाते हुए 54 रन की उपयोगी पारी खेली, जिससे तायडे को खुलकर खेलने का मौका मिला।
मैच से ठीक पहले नियमित कप्तान ध्रुव शौरी के चोटिल होकर बाहर होने के बावजूद विदर्भ की बल्लेबाज़ी पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं दिखा। तायडे को पारी की शुरुआत में मिले जीवनदान उन्होंने पूरी तरह भुनाए और अर्धशतक के बाद आक्रामक अंदाज़ अपनाते हुए शतक पूरा किया।
हालाँकि अंतिम ओवरों में सौराष्ट्र के गेंदबाज़ों ने वापसी की। अंकुर पंवार ने 4 विकेट झटके, जबकि चेतन सकारिया ने भी कसी हुई गेंदबाज़ी की, जिसके चलते विदर्भ अंतिम पाँच ओवरों में सिर्फ 36 रन ही जोड़ सका।
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लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ाई सौराष्ट्र की पारी
318 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र की टीम को शुरुआती झटके लगे। इसके बावजूद अनुभवी ऑलराउंडर प्रेरक मांकड़ ने एक छोर संभाले रखा और शानदार संघर्षपूर्ण पारी खेलते हुए 88 रन बनाए। मांकड़ ने एक अहम साझेदारी के जरिए सौराष्ट्र को मुकाबले में बनाए रखा।
मैच का निर्णायक मोड़ 38वें ओवर में आया, जब विदर्भ के कप्तान हर्ष दुबे ने मांकड़ को एलबीडब्ल्यू आउट किया। यह विकेट 93 रन की अहम साझेदारी का अंत साबित हुआ। इसके बाद चिराग जानी (64 रन) से उम्मीदें जगीं, लेकिन अंतिम ओवरों में विदर्भ के तेज़ गेंदबाज़ों ने मैच पूरी तरह अपनी पकड़ में ले लिया।
दर्शन नालकांडे की शानदार स्लोअर गेंद पर जानी का विकेट गिरते ही सौराष्ट्र की पारी बिखर गई। इसके बाद यश ठाकुर (4 विकेट) और नचिकेत भूटे (3 विकेट) ने लगातार विकेट चटकाकर सौराष्ट्र को 279 रन पर समेट दिया।
तेज़ गेंदबाज़ी बनी जीत की कुंजी
ओस भरे हालात के बावजूद विदर्भ के तेज़ गेंदबाज़ों ने बेहतरीन नियंत्रण और अनुशासन दिखाया। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली विदर्भ की टीम ने फ़ाइनल में भी दबाव के क्षणों में संयम नहीं खोया। यही कारण रहा कि लगातार दूसरी बार फ़ाइनल खेलने उतरी विदर्भ इस बार कोई मौका चूकने के मूड में नहीं थी।
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अमन मोखाडे बने प्लेयर ऑफ द सीरीज़
फ़ाइनल में शानदार शतक के लिए अथर्व तायडे को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि पूरे टूर्नामेंट में निरंतर शानदार प्रदर्शन के लिए अमन मोखाडे को प्लेयर ऑफ द सीरीज़ का पुरस्कार मिला।

बता दें कि अमन ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मैचों में 814 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 5 बेहतरीन शतक जड़े, जो एक ही सीज़न में संयुक्त रूप से सबसे अधिक शतकों का रिकॉर्ड है। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 90 से ऊपर रहा। साथ ही 800 से ज्यादा रन बनाने के साथ वह टूर्नामेंट के इतिहास में ऐसा करने वाले तीसरे बल्लेबाज बने। इसके अलावा, उन्होंने सिर्फ 16 पारियों में 1000 लिस्ट-ए रन पूरे कर भारतीय रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली है।
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