पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने प्रेस वार्ता के माध्यम से हड़ताली अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विकास की गति को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं देगी और अराजकता फैलाने वालों की मंशा सफल नहीं होगी।

​हड़ताल पर सख्त रुख और कार्रवाई

​विजय सिन्हा ने कहा कि विभाग ने हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने के लिए 25 मार्च तक का समय दिया था। इसके बावजूद जो अधिकारी काम पर नहीं लौटे हैं, उन पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जो दो दर्जन अंचलाधिकारी (CO) वापस आ चुके हैं, उन्हें जल्द ही पटना में सेवा का अवसर देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। विभाग रिक्त पदों को भरने के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखने की योजना भी बना रहा है।

​जनता के काम के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

​राज्य के 534 अंचलों में कामकाज बाधित न हो, इसके लिए सरकार ने अतिरिक्त प्रभार की नीति अपनाई है। प्रदेश के 38 जिलों में तैनात 273 अंचलाधिकारियों को एक से अधिक अंचलों की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि जनता का एक भी दिन का काम बाधित नहीं होगा और लंबित पड़े 46 लाख राजस्व मामलों का त्वरित निष्पादन कराया जाएगा।

​अराजकता के बीच भी जारी रहा काम

​डिप्टी सीएम ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सामूहिक अवकाश और हड़ताल के बावजूद विभाग ने 12,882 दाखिल-खारिज के मामलों को निपटाया है। उन्होंने कहा, जब प्रदेश में समृद्धि यात्रा चल रही है और सरकार बार-बार आग्रह कर रही है, तब काम रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। जो लोग सरकार की गति को बाधित करना चाहते हैं, वे सफल नहीं होंगे। उन्होंने अंत में दोहराया कि सरकार पर भरोसा करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा, लेकिन अराजकता फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।