आशुतोष तिवारी, जगदलपुर। बस्तर ब्लॉक के पिपलावंड क्षेत्र में संचालित 14 खदानों के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा लोक सुनवाई में फूट पड़ा, लगातार हो रही ब्लास्टिंग से घरों में दरारें, छतों का टूटना, खेती प्रभावित होना और पेयजल के स्रोतों के दूषित होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने अधिकारियों का घेराव किया. ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि स्थाई समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे.
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. लोकसुनवाई में पहुंचे अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और खनिज अधिकारियों पर बात अनसुनी करने से नाराज ग्रामीणों ने उनका घेराव किया. हालात बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.

ग्रामीणों ने खनन नियमों के उल्लंघन और प्रशासन–उद्योगपति की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस खसरा नंबर में खदानें चल रही हैं, वहीं उनके घर बने हैं. खदानों की स्थापना और सहमति को लेकर भी ग्रामीणों और प्रशासन के दावे आमने-सामने हैं. फिलहाल, पिपलावंड में खदानों को लेकर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है.

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