अरविंद मिश्रा, बलौदाबाजार। जिले से लगे ग्राम पंचायत लिमाही में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को चक्काजाम कर विरोध जताने के बाद शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें मुख्य गेट पर ही रोक दिया। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

ग्राम लिमाही के ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण को लेकर उन्हें पहले कोई सूचना नहीं दी गई और न ही ग्राम पंचायत से कोई प्रस्ताव पारित कराया गया है। जिस स्थान पर ट्रांसपोर्ट नगर बनाया जा रहा है, वहां तालाब और श्मशान भूमि स्थित है। ग्रामीणों के मुताबिक तालाब का उपयोग महिलाएं नहाने और घरेलू कार्यों के लिए करती हैं, जबकि पास ही श्मशान भूमि है, जहां अंतिम संस्कार किया जाता है।

ट्रांसपोर्ट नगर बनने से क्षेत्र में बढ़ेगी शराब बिक्री

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन स्थलों को पाटकर ट्रांसपोर्ट नगर बनाया जा रहा है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर बनने से क्षेत्र में शराब बिक्री बढ़ेगी और बाहरी वाहन चालकों की आवाजाही से महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों को पुलिस ने गेट पर रोक दिया। केवल पांच प्रतिनिधियों को अंदर जाने की अनुमति दी गई।

जरूरत पड़ने पर न्यायालय की शरण लेंगे ग्रामीण

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय की शरण भी लेंगे, लेकिन बिना अनुमति ट्रांसपोर्ट नगर बनने नहीं देंगे।