मथुरा. वृंदावन में स्थित प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में सावन मास के दौरान ठाकुर जी का सिंहासन जगमोहन में विराजमान होता है. ऐसे में आरोप है कि कुछ वीआईपी लोगों ने वहां कुर्सी पर बैठकर दर्शन किए. उनके साथ सुरक्षाकर्मी हथियारों समेत मौजूद थे और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई, जिससे ठाकुर जी और मंदिर के मान सम्मान और मर्यादा का उल्लंघन हुआ. इसके साथ ही कोर्ट के आदेश का भी उल्लंघन किया गया. इसको लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय हरियाणा और वकील दीपक शर्मा ने कोर्ट में एक संयुक्त याचिका दाखिल की है.
संयुक्त पिटीशन सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मथुरा की अदालत ने इस मामले में 29 अगस्त को सुनवाई की. अदालत ने मंदिर के प्रबंधक, मथुरा के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत मंदिर प्रबंधन को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है. संजय हरियाणा के मुताबिक ठाकुर जी से बड़ा कोई नहीं हो सकता, लेकिन कुछ वीआईपी लोगों ने खुद को भगवान से ऊपर साबित करने की कोशिश की. उन्होंने कहा, भक्त बन रहे हैं भगवान. यह मंदिर की मर्यादा और आस्था के खिलाफ है. इसलिए कानूनी कार्रवाई जरूरी है.
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वकील दीपक शर्मा का कहना है कि सिंहासन पर कुर्सी लगाना, हथियारों का प्रदर्शन करना और वीडियो रिकॉर्डिंग करना न सिर्फ आस्था का अपमान है. बल्कि, यह अदालत के आदेश की खुली अवमानना है, जो कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की श्रेणी में आता है.
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