वृंदावन। प्रसिद्ध श्री ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में एक अजीब घटना घटी है। मंदिर के व्यवस्थाओं पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाई पावर कमेटी का गठन किया गया है, जिसके तहत ठाकुर जी के लिए प्रसाद और भोग तैयार करने के लिए हलवाई नियुक्त किया गया था। हलवाई को प्रतिमाह अस्सी हजार रुपये वेतन मिलता था, लेकिन कुछ महीनों से उसे सैलरी नहीं दी जा रही थी। परिणामस्वरूप, हलवाई ने ठाकुर जी के लिए बाल भोग और शयन भोग तैयार नहीं किया, जिससे सालों से चली आ रही परंपरा टूट गई है।
हलवाई तैयार नहीं किया भोग
मंदिर के गोस्वामी ने कहा कि मयंक गुप्ता नाम के व्यक्ति के पास श्री ठाकुर बांके बिहारी का भोग तैयार करने की जिम्मेदारी है। मयंक हलवाई ही ठाकुर जी के लिए सुबह बाल भोग, दोपहर में राजभोग और शाम को उत्थापन भोग और रात्रि में शयव भोग लगाया जाता है। हलवाई द्वारा तैयार किया गया भोग ठाकुर जी को अर्पण किया जाता है लेकिन आज सेवायतों को भोग नहीं मिला।
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सुबह: बाल भोग
दोपहर: राजभोग
शाम: उत्थापन भोग
रात: शयन भोग
वहीं कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर जी को बाल भोग और शाम को शयन भोग नहीं मिलने की सूचना मिली थी। जब हमने हलवाई मयंक गुप्ता से पूछताछ कि तो बताया कि हलवाई का भुगतान न होने के कारण भोग तैयार नहीं किया गया। जिसके बाद मयंक गुप्ता को जल्द ही भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही कमेटी द्वारा दोबारा इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो उसके लिए आदेश दिया जा रहा है।
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